गर्रा में नवरात्रि पर प्रतिमा स्थापना को लेकर विवाद,

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ग्राम पंचायत गर्रा में चैत्र नवरात्रि के पहले ही दिन मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापना को लेकर विवाद खड़ा हो गया। जानकारी के अनुसार ग्रामीणों द्वारा जिस स्थान पर प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की गई थी , वह शासकीय भूमि बताई जा रही है और मामला अतिक्रमण से जुड़ा हुआ है। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शाम के समय स्थापित की गई दुर्गा प्रतिमा को वहां से हटवाकर विधि-विधान के साथ अन्य मंदिर में स्थापित कराया। प्रशासन का कहना है कि शासकीय भूमि पर बिना अनुमति निर्माण और प्रतिमा स्थापना नियमों के विरुद्ध है। पूरे घटनाक्रम के दौरान सुबह से ही ग्राम पंचायत गर्रा चौक में पुलिस बल तैनात रहा। दिनभर क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही, हालांकि प्रशासन की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रित रही।

चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन जिला मुख्यालय से सटी ग्राम पंचायत गर्रा में दुर्गा प्रतिमा की स्थापना को लेकर बड़ा विवाद सामने आया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा और देर शाम तक कार्रवाई जारी रही। जानकारी के अनुसार, नवरात्रि के अवसर पर ग्राम पंचायत गर्रा की कुछ महिलाओं द्वारा अल सुबह गर्रा चौक स्थित निर्माणाधीन मंदिर में मां दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं विधि-विधान से स्थापित कर दी गईं। हालांकि, यह मंदिर शासकीय भूमि पर बनाया जा रहा है, जिसे अतिक्रमण की श्रेणी में बताया जा रहा है। इस मामले को लेकर पूर्व में प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायत को नोटिस जारी कर निर्माण कार्य पर रोक भी लगाई जा चुकी थी। साथ ही यह प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। प्रतिमा स्थापना की जानकारी मिलते ही उसी गांव के कुछ अन्य ग्रामीणों, जो उक्त भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग कर रहे हैं, उनके द्वारा इसकी शिकायत जिला प्रशासन से की गयी । प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए सुबह से ही गर्रा में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। देखते ही देखते तीन से चार थानों का पुलिस अमला और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। देर शाम वारासिवनी एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि शासकीय है और न्यायालय में मामला लंबित होने के कारण यहां मंदिर निर्माण और प्रतिमा स्थापना की अनुमति नहीं दी जा सकती। साथ ही मंदिर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की बात भी कही, जिससे किसी अप्रिय घटना की आशंका जताई गई। प्रशासन की समझाइश के बाद ग्रामीणों ने सहयोग किया, जिसके बाद स्थापित की गई दुर्गा प्रतिमा सहित अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियों को विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के अनुरूप वहां से हटाकर अन्य मंदिर में स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई। यह कार्रवाई देर रात तक चलती रही।

प्रशासन द्वारा मंदिर हटाने की कार्रवाई गलत हैं – वैभव बिसेन

ग्राम पंचायत गर्रा के सरपंच वैभव बिसेन ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अपनी बात रखी। श्री बिसेन ने बताया कि गर्रा चौक में वर्षों पुराना मंदिर स्थित था और उसी स्थान पर पुनः मंदिर का निर्माण कार्य किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है तथा उक्त स्थल पर ग्रामवासियों एवं समिति का कब्जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन ग्राम के लोगों एवं समिति के सदस्यों ने विधि-विधान से मां दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियों की स्थापना मंदिर परिसर में कर दी थी। सुबह से ही जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के कई अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने इस प्रकार का घेरा बना लिया था, मानो गांव में कोई अप्रिय घटना घटने वाली हो। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण एवं प्रतिमा स्थापना कार्य ग्रामवासियों द्वारा श्रमदान और चंदा एकत्रित कर किया जा रहा है, जिसमें पूरे गांव का सहयोग रहा है। इसके साथ ही सरपंच वैभव बिसेन ने यह भी आरोप लगाया कि उनके द्वारा पूर्व में गर्रा से शराब दुकान हटाने को लेकर याचिका दायर की गई थी, जिसमें निर्णय उनके पक्ष में आया था। उनका कहना है कि उसी के चलते कुछ लोग मंदिर निर्माण का विरोध कर रहे हैं।

प्रतिमा को अन्य मंदिर में विराजित किया जा रहा है – कार्तिकेय

गर्रा में मंदिर निर्माण को लेकर उत्पन्न विवाद के बीच वारासिवनी एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल ने प्रशासन की कार्रवाई पर जानकारी दी । एसडीएम ने बताया कि शासकीय भूमि पर निर्मित मंदिर में विराजित प्रतिमाओं को हिंदू परंपरा और मान्यताओं के अनुसार पूरे सम्मान के साथ अन्य मंदिर में स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संबंधित भवन शासकीय भूमि पर अतिक्रमण की श्रेणी में आता है, जिसके चलते यह कार्रवाई आवश्यक थी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मंदिर का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिससे भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा एहतियातन कदम उठाए गए हैं। कार्तिकेय जायसवाल ने कहा कि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। साथ ही उन्होंने संतोष जताया कि अधिकांश ग्रामीणों ने प्रशासन का सहयोग किया, जिससे स्थिति को शांतिपूर्वक नियंत्रित किया जा सका।

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