गलत निकला रूस का दावा, यूक्रेन में यूएन परमाणु टीम को नहीं मिले ‘डर्टी बम’ बनाने के संकेत

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संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी ने कहा है कि उसके निरीक्षकों को रूस के इस दावे के समर्थन में कोई सबूत नहीं मिला कि यूक्रेन, रेडियोधर्मी ‘डर्टी बम’ बना रहा और विस्फोट करने वाला है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने बताया कि यूक्रेन सरकार के अनुरोध पर निरीक्षणों में अघोषित परमाणु गतिविधियों और सामग्रियों का कोई संकेत नहीं मिला है।
यूएन परमाणु एजेंसी ने कहा कि उसके विशेषज्ञों ने यूक्रेन में तीन स्थानों पर निरीक्षण किया और उन्हें उन जगहों तक निर्बाध पहुंच प्रदान की गई। आईएईए ने एक बयान में कहा आज तक उपलब्ध परिणामों के मूल्यांकन और यूक्रेन द्वारा प्रदान की गई जानकारी के आधार पर एजेंसी को अघोषित परमाणु गतिविधियों और स्थानों पर सामग्री का कोई संकेत नहीं मिला है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत शीर्ष अधिकारियों ने बार-बार निराधार दावे किए हैं कि यूक्रेन एक बम विस्फोट करने वाला है, जिससे रेडियोधर्मी कचरा बिखरेगा। संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत वासिली नेबेंजिया ने पिछले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के सदस्यों को लिखे एक पत्र में दावा किया था कि यूक्रेन की परमाणु अनुसंधान सुविधा और खनन कंपनी को ‘इस तरह के डर्टी बम को विकसित करने के लिए (राष्ट्रपति वोलोदिमीर) जेलेंस्की के शासन से आदेश प्राप्त हुए थे।
यूक्रेन के अधिकारियों ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रूस इस तरह युद्ध को और तेज करना चाहता है। इससे पूर्व, यूक्रेन की परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने कहा कि रूस की ओर से किए गए हमले ने जापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र को यूक्रेन ग्रिड से जोड़ने वाले बिजली आपूर्ति तंत्र को क्षतिग्रस्त कर दिया है। इस हमले के कारण अब यूरोप का यह सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र एक बार फिर से डीजल से चलने वाले जेनरेटर पर निर्भर हो गया है।
यूक्रेन की परमाणु ऊर्जा एजेंसी एनर्गोटम ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में कहा कि दक्षिण-पूर्वी यूक्रेन में जापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र को 15 दिन के लिए चलाने के वास्ते जेनरेटर के पास पर्याप्त ईंधन है। एनर्गोटम ने कहा कि उसके पास परमाणु ऊर्जा संयंत्र को सुरक्षित स्थिति में बनाए रखने के लिए सीमित संसाधन हैं। अपने छह रिएक्टरों के निष्क्रिय होने के कारण, संयंत्र अपने खर्च किए गए ईंधन को ठंडा करने के लिए बाहरी बिजली पर निर्भर है। आईएईए ने चेतावनी दी है कि संयंत्र पर और उसके आस-पास गोलीबारी के परिणामस्वरूप विकिरण के आपात हालात पैदा हो सकते हैं।

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