वारासिवनी न्यायालय के विद्वान न्यायधीश न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्रीमति प्रीति चैतन्य चौबे ने क्रूरता पूर्वक गोवंश का परिवहन करने वाले दो आरोपियों को 1 वर्ष का सश्रम कारावास और 10100 रुपए के अर्थदंड से दंडित कर सजा सुनाई। प्राप्त जानकारी के अनुसार 07 मार्च 2017 को सकरूसिंह धुर्वे थाना वारासिवनी में सहायक उपनिरीक्षक के पद पर पदस्थ थे। उक्त दिनांक को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि ग्राम खण्डवा से एक सफेद रंग के पिकअप वाहन में पशु भरकर ग्राम खापा की तरफ ले जा रहे हैं। उक्त सूचना थाना प्रभारी को अवगत कराकर सूचना की तस्दीक हेतु हमराहा स्टाफ आरक्षक मनीष पटेल एवं राकेश कुल्हाड़े के साथ ग्राम खंडवा रवाना हुये थे। खंडवा रोड के पहले मेंहदीवाड़ा से खापा खंडवा चैंक के आगे हमराह बल की घेराबंदी कर सूचना की तस्दीक हेतु तैनात हो गये। लगभग आधे घंटे बाद 11.20 बजे एक सफेद रंग की पिकअप माल वाहक वाहन क्रमांक एमपी 50 जी 1065 खंडवा रोड तरफ से आती हुई दिखी जिसे रोका गया। उक्त पिकअप वाहन में पीले रंग का त्रिपाल चढा हुआ था जिसमें दो व्यक्ति एक ड्रायवर और उसके साथ एक और व्यक्ति बैठा हुआ था। जब उनस पूछताक्ष की गई तो उनके द्वारा आनाकानी किये जाने पर स्टाफ की मदद से त्रिपाल खोलकर देखा गयातो ग्राड़ी में कु्ररतापूर्वक 8 नग गौवंश भरे हुये थे। जिनके पैर और मुंह को कु्ररतापूर्वक बांधकर भरा गया था। उक्त पिकअप वाहन की क्षमता मात्र दो पशु की थी। डा्रयवर और हेेल्पर से पशुओं के संबंध में पूछताक्ष की गयी तो उनके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। संपूर्ण विवेचना के उपरंात अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में पेश किया गया। जिसके बाद से उक्त प्रकरण वारासिवनी न्यायालय में विचाराधीन था जिसमें न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्रीमती प्रीति चैतन्य चौबे ने आरोपी देवेन्द्र पिता किशोर बिठले निवासी ग्राम जराहमोहगांव थाना कटंगी सुखदास पिता झाडु बुर्रे निवासी वार्ड नं. 4 खंडवा थाना वारासिवनी का दोष सिद्ध होने पर उन्हें धारा 6 गौवंश प्रति. अधिनियम के अपराध के लिए 01-01 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000-5000 रूपये अर्थदंड तथा धारा 11घ पशु कु्ररता अधिनियम के अंतर्गत 03-03 माह का सश्रम कारावास एवं राशि 50-50 रुपये के अर्थदंड इस प्रकार कुल राशि 10100 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदण्ड न अदा करने की स्थि़त में अभियुक्तगण को 01-01 माह का सश्रम कारावास भुगतने का आदेश पारित किया जावेगा। अभियोजन की ओर से पैरवी राजेश कायस्त सहायक जिला अभियोजन अधिकारी वारासिवनी द्वारा की गई।








































