ग्राम पंचामा दादर और घोंदी में 100 हेक्टेयर भूमि पर बॉक्साईट खनन ब्लॉक के खिलाफ विधायक के नेतृत्व में ग्रामीण लामबंद

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पदमेश विशेष
पदमेश न्यूज़. बालाघाट
एक महत्वपूर्ण ख़बर के मुताबिक बैहर तहसील के उकवा, बिठली से लगे ग्रामों की भूमि पर बॉक्साइट ब्लॉक का खनन प्रक्रिया शुरु होने वाला है.उकवा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत लूद के अधीनस्थ ग्राम पंचामा दादर में दादरटोला/दादर में लौह अयस्क का अवयव खनिज बाक्साइड ब्लाककी खोज कर लिया गया है और कम्पनी को अनुमति भी प्रदान कर दिया गया है. जानकारी के मुताबिक कल इन प्रभावित ग्रामों में
खनन के लिये दी गई अनुमति का वहां के ग्रामीणों ने विरोध किया हैं।

इस सन्दर्भ में विगत दिवस ग्राम सभा का आयोजन कर ग्रामीणों द्वारा आपत्ति प्रस्ताव पारित किया गया हैं। उल्लेखनीय है कि बैहर विधायक संजय उईके की उपस्थिति में यह ग्राम सभा का आयोजन किया गया था। जिसमें ग्रामीणों ने इस बात पर भी अपनी असहमति दिखाई की पंचायत की ओर से किसी तरह का प्रस्ताव नहीं दिया गया है।

इस सन्दर्भ में एक महत्वपूर्ण जानकारी में बताया कि पंचामा दादर में दादरटोला/दादर में बाक्साइड ब्लाक खनन हेतु ग्राम पंचायत लुद में आगामी 18 फरवरी 2026 को मध्यप्रदेश सरकार के खनिज विभाग द्वारा द्वारा लोक-सुनवाई का
आयोजन किया गया है।

इस तरह सरकार द्वारा ग्राम सभा पंचामा तथा सीमावर्ती ग्राम सभाओं से बिना सहमति दादर टोला/दादर ग्राम पंचामा मे बाक्साइट खनन के लिए ग्राम पंचामा दादर में वन भूमि 60 हेक्टेयर से अधिक भूमि आवंटित कर दिया गया है। इसी प्रकार ग्राम घोंदी में 40 हेक्टेयर से अधिक भूमि आवंटित कर दिया गया है।

इस ग्राम सभा के माध्यम से उपस्थितों ने बताया कि उक्त खनन ब्लाकों के लिए ग्राम सभा ने किसी भी प्रकार की सहमति नहीं दिया है। ग्राम सभा घोंदी में फर्जी सहमति प्रशासन द्वारा तैयार किया गया है।जो अनुचित है.यह क्षेत्र अनुसूचित क्षेत्र है पेसा तथा वन अधिकार मान्यता कानून का घोर उल्लघंन किया है। साथ ही आदिवासी एवं परम्परागत निवासियो के मान्यता
को आघात पहुंचाने का कृत्य किया जा रहा है।

इस संबंध में उपस्थित विधायक संजय उईके ने कहा कि आदिवासी एवं अन्य परांपरिक मूल निवासीयों धार्मिक व देव आस्था अपमान किया जा रहा है। आदिवासीयों एवं अन्य परांपरिक मूल निवासीयों का मान्यताएं हैं। वन, जल, जीव, वनस्पति तथा पहाड़ों पर उनके रुढी-प्रथा परम्परा से संबंध रखता है तथा इनके जीव देंव है। ऐसे में यहां पर पेसा एक्ट का पालन किये बगैर बाक्साइड खनन ब्लाक की अनुमति दिया जाना गलत हैं। ग्रामीणों ने ग्राम सभा आयोजित कर मुझे आमत्रित किया था। जिसमें ग्रामीणों ने आपत्ति प्रस्ताव पारित किया हैं।

इस अवसर क्षेत्र के विधायक एवं जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष संजय उइके, जिला पंचायत सदस्य मंशाराम मंडावी, अडोरी सरपंच परसराम धुर्वे, द्रोप किशोर मेरावी, दलदला एवं घोंदी संरपच ग्राम सभा अध्यक्ष राजस्वकर्मी, वन परिक्षेत्र अधिकारी, सहायक परियोजना प्रशासक बैहर तथा ग्राम सभा सदस्य महिला पुरुष ग्राम सभा में उपस्थित होकर दादर टोला/दादर बाक्साइट खनन ब्लाक का विरोध किया तथा आपत्ति प्रस्ताव पारित किया।

अब यह आदिवासियों तथा प्रशासन के बीच बेहद संवेदनशील मामला बनता दिख रहा है. जिसमे आदिवासी ग्रामीणों ने अपने अस्तित्व की लड़ाई निरुपित किया है.

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