जनवरी और फरवरी माह में मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने की परंपरा सालों से मनाई जाती है, लेकिन बीते कुछ सालों में पतंग उड़ाने के लिए चाइनीज मांझों का इस्तेमाल बढ़ा है, जिससे कई बार राहगीरों, पशुओं और पक्षियों के चोटिल होने की खबरें आ चुकी हैं। किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के आदेश पर सोमवार को कोतवाली पुलिस ने शहर की छोटी-बड़ी पतंग दुकानों पर पहुंचकर चाइनीज मांझों की जांच की। इसमें दो दुकानों में चाइनीज मांझे मिले, जिन्हें जब्त कर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कार्रवाई की गई।
आपको बता दें कि चाइनीज मांझा काफी तेज और मजबूत होता है, जिससे हमेशा किसी के चोटिल होने की संभावना बनी रहती है। देश में चाइनीज मांझा प्रतिबंधित है, लेकिन फिर भी इस्तेमाल किया जाता है, जिससे पहले भी राह चलते लोगों या बच्चों की उंगली, गर्दन, हाथ में गहरी चोट लगने यहां तक की मौत की खबरें भी आ चुकी हैं। चायना डोर के उपयोग से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत चायना डोर की बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों पर कोतवाली थाना प्रभारी कमल सिंह गेहलोत के नेतृत्व में टीम ने दबिश दी। इस कार्रवाई में प्रेम नगर और भटेरा स्थित दो अलग-अलग दुकानों पर चाइनीज मांझा पाया गया। इसके अलावा गुजरी में चार दुकानों पर पुलिस की टीम पहुंची, लेकिन यहां खतरनाक चाइनीज मांझा नहीं मिला। कोतवाली थाना प्रभारी कमल सिंह गेहलोत ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि पतंग उड़ाने के लिए चाइनीज डोर का इस्तेमाल न करें क्योंकि ये न सिर्फ आपके बच्चों तथा दूसरों के लिए जानलेवा है। इसके अलावा उन्होंने पतंग विक्रेताओं से चाइनीज मांझा न बेचने के लिए निर्देशित किया।










































