जगन्नाथपुरी में चूहों ने कुतर डालीं भगवान की पोशाकें:मूर्तियों को भी पहुंचाया नुकसान; पुजारियों को पूजा भी नहीं करने देते

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उड़ीसा के पुरी जगन्नाथ मंदिर में चूहों ने आतंक मचा रखा है। चूहों ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के कपड़े फाड़ कर मंदिर प्रशासन को चिंता में डाल दिया है। सेवादारों को इस बात की चिंता सता रही है कि चूहों से गर्भगृह की चीजों और श्रीमंदिर में देवताओं की लकड़ी की मूर्तियों को खतरा हो गया है।

एक सेवादार सत्यनारायण पुष्पलक के मुताबिक ‘चूहों और उनकी गंदगी के बीच पूजा-अनुष्ठान करना मुश्किल हो गया है। चूहे देवताओं के कपड़े और मालाओं को नष्ट कर रहे हैं। वे देवताओं का चेहरा खराब कर रहे हैं।’

चूहे ही नहीं बिच्छू भी कर रहे परेशान
सेवादार बिजयकृष्ण पुष्पलक ने कहा, “हम चूहों को पकड़ लेंगे और उन्हें बाहर निकाल देंगे। चूहे ही नहीं, बिच्छू भी हैं। हम उन्हें बाहर निकालने की व्यवस्था करेंगे। हमें मंदिर के अंदर जानवरों को मारने या जहर देने की अनुमति नहीं है, इसलिए चूहों को जिंदा पकड़ा जाता है और बाहर छोड़ दिया जाता है।”

रिपोर्ट्स के मुताबिक सेवादारों ने कहा कि वे चूहों को फंसाने के लिए चूहेदानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। जाल में फंसे चूहों को मंदिर से बाहर निकाला जा रहा है। गौरतलब है कि कुछ जानवर मंदिर परिसर में रहते हैं क्योंकि उन्हें पर्याप्त मात्रा में बचा हुआ महाप्रसाद मिल जाता है।

गर्भगृह में किए छोटे-छोटे छेद
एक अन्य सेवादार भगबान पांडा ने कहा कि चूहों ने फर्श पर रखे पत्थरों के बीच छोटे-छोटे छेद किए गए हैं जो संरचना के लिए खतरा पैदा बन सकते हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान 2020 से 2021 तक मंदिर कुछ महीनों के लिए बंद था। इस दौरान मंदिर में चूहों और कॉकरोचों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ गई।

हालांकि मंदिर के प्रशासक जितेंद्र साहू ने कहा है कि श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) चूहों के खतरे से वाकिफ है और घबराने की जरूरत नहीं है। देवताओं को नियमित रूप से चंदन और कपूर से पॉलिश किया जाता है।

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