जनपद अध्यक्ष श्रीमती माया हुई से जनपद सदस्य जीतू राजपूत ने करी अभद्रता

0

वारासिवनी(पद्मेश न्यूज)। नगर में स्थित जनपद पंचायत के सभा कक्ष में रामपायली मेले के विषय को लेकर 4 नवंबर की दोपहर में आयोजित सामान्य सभा की बैठक में जनपद अध्यक्ष श्रीमती माया उइके के साथ अभद्रता करने का मामला प्रकाश में आया है। जिसमें आदिवासी समाज एवं भाजपाइयों के द्वारा जनपद अध्यक्ष के समर्थन में 5 नवंबर को पुलिस थाना वारासिवनी में पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई गई है। वहीं पुलिस प्रशासन से मामले में कठोर कार्यवाही करने की मांग करते हुए समाज के द्वारा जनपद सदस्य जितेंद्र राजपूत पर नियम अनुसार कार्यवाही न होने पर जिले और प्रदेश के समाज के साथ मिलकर आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है। हालांकि मामले में वारासिवनी पुलिस के द्वारा अपराध दर्ज कर लिया गया है।

प्रोटोकॉल की चर्चा पर आपाखो बैठे जनपद सदस्य राजपूत

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रतिवर्ष जनपद पंचायत के द्वारा श्री राम बालाजी तीर्थ क्षेत्र रामपायली मेले का आयोजन करवाया जाता है प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी आयोजित किया गया है। जो कार्तिक पूर्णिमा से प्रारंभ होगा जिसके लिए मेले में आयोजित होने वाले कार्यक्रम को लेकर वह अन्य व्यवस्थाएं बनाने को लेकर 4 नवंबर को सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें सभी जनपद सदस्य उपस्थित हो गए थे जनपद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष अपनी पार्टी की जिला बैठक से लौट के कारण लेट बैठक में पहुंचे। जहां पर कार्यक्रम को लेकर चर्चा की जाने लगी इस दौरान जनपद सदस्य जितेंद्र सिंह राजपूत के द्वारा अधिकारियों से चर्चा की जा रही थी जिस पर जनपद अध्यक्ष के द्वारा अधिकारियों से क्या चर्चा हो रही है पूछा गया। जनपद सदस्य जितेंद्र सिंह राजपूत के द्वारा प्रोटोकॉल का ध्यान रखने के लिए कहा गया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक रहेगे बैनर पोस्टर में विधायक सांसद व अन्य नेताओं का भी फोटो रहेगा। जिस पर जनपद अध्यक्ष के द्वारा जनपद की परंपरा बताते हुए जनपद सदस्य अध्यक्ष उपाध्यक्ष और ग्राम सरपंच का ही पोस्ट में फोटो रहने और निमंत्रण समस्त जनप्रतिनिधियों को दिए जाने की बात कही गई। जहां पर इसी चर्चा के बीच अचानक जितेंद्र सिंह राजपूत ने अपना आपा खो दिया इसके बाद वह अभद्र अमर्यादित भाषा में बात करने लगे। जहां अध्यक्ष के द्वारा बोतल को हाथ पकड़ कर उठाया गया तो जितेंद्र सिंह राजपूत के द्वारा अपने पैरों से चप्पल निकाल कर जनपद अध्यक्ष के तरफ फेंक दिया गया। जिसे बीच में जनपद सदस्यों ने रोक लिया जहां पर महिला आदिवासी अध्यक्ष और महिला उपाध्यक्ष दोनों डर के करण बाजू में खड़े हो गये। जिनके द्वारा तत्काल अपने वरिष्ठ नेताओं को घटना की जानकारी देकर थाने में शिकायत की गई परंतु रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी। जिसके बाद 5 नवंबर को सुबह जनपद अध्यक्ष माया उइके भाजपा पदाधिकारी सदस्यों एवं समाज के पदाधिकारी सदस्यों के साथ पुलिस थाना वारासिवनी पहुंची जहां पर श्रीमती उइके के द्वारा थाना प्रभारी से चर्चा कर रिपोर्ट दर्ज करवाई गई।

इन धाराओं में पुलिस ने किया अपराध दर्ज

थाने में श्रीमती माया दिनेश उईके निवासी ग्राम नांदगांव पोस्ट कोचेवाही तह. वारासिवनी वर्तमान जनपद अध्यक्ष के द्वारा जनपद सदस्य जितेंद्र राजपूत के ऊपर बैठक मे शाम करीबन 04.00 से 05.00 बजे के बीच सभी सदस्यो और अध्यक्ष उपाध्यक्ष के होते हुए अपनी मनमानी करते हुये जंगली आदिवासी कहकर गाली देने चप्पल उताकर फेंककर मारने अभद्र भाषा का प्रयोग कर जाहील गोडिन शब्द से संबोधित करने की शिकायत की गई थी। जिसमें वारासिवनी पुलिस के द्वारा भारतीय न्याय संहिता की धारा 296 351 (3) एसटी एससी एक्ट की धारा 3 (2) (5ए), 3 (1) (द), 3 (1) (ध) के तहत अपराध दर्ज कर जांच में लिया है।

जनपद अध्यक्ष श्रीमती माया उइके ने पद्मेश से चर्चा में बताया कि जनपद सदस्य जीतू राजपूत के खिलाफ उनके द्वारा शिकायत की गई है। 4 नवंबर को सामान्य सभा की बैठक में उनके द्वारा अपनी अभद्र व्यवहार का परिचय देते हुए गाली गलौज कर चप्पल फेंक कर गलत भाषा का उपयोग किया गया। यह बैठक रामपायली मेल के लिए रखी गई थी हमारी बैठक जिले में थी तो आने में थोड़ा लेट हुआ। जहां अशोक पांडे जनपद के अधिकारी है उन पर जनपद सदस्य के द्वारा दबाव बनाया जा रहा था जहां पर अधिकारी से मैंने पूछा तो अपनी आदत के अनुसार उन्होंने कहा कि हमारे विधायक को सभी कार्यक्रम में बुलाया जाये मुख्य अतिथि बनाया जाये नहीं तो हम विधानसभा लगाएंगे। इस पर हमने सीधा जवाब दिया कि जनपद संस्था है यहां किसी का बंधन नहीं है यह जनपद का काम है प्रशासकीय कार्य नहीं है निमंत्रण सभी को जाएंगे कुर्सी सभी की लगेगी तो अचानक वह कहने लगे तू क्या जानती है संविधान के बारे में जंगल से उठकर आई है और अध्यक्ष बनी है। गाली दी गई जो मैं नहीं बता सकती इसी के विरोध में उन्होंने चप्पल उतार कर फेंक जो जनपद सदस्यों ने पकड़ ली साथ में मेरे उपाध्यक्ष थी बैठक में 6 से 7 लोग थे। यह बैठक का अधिकार सामान्य प्रशासन को है किंतु पारदर्शिता के कारण हमने सामान्य सभा में विषय रखा। मुझे जातिगत अपमानित किया गया है आरक्षण से मैं पद पर हूं इस प्रकार का व्यवहार ठीक नहीं है और यह पहली बार नहीं है पहले भी उंगली दिखाए थे आवाज ऊंची करते थे मैंने कोई कार्यवाही नहीं की जिसका परिणाम यह है। मुझे डर है उन्होंने सीधा कहा है कि बाहर मिलोगे तो भरे बाजार में चप्पल से पिटुगा।

भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष प्रदीप शरणागत ने बताया कि 4 नवंबर की शाम को हमें जानकारी मिली हमारे जनपद अध्यक्ष श्रीमती माया उइके के साथ जीतू राजपूत ने अभद्रता करी है जाति सूचक अपशब्द बोलकर धमकी दी है। इस बात की हमने अपने जिला अध्यक्ष और सभी वरिष्ठ पदाधिकारी एवं हमारे नेता प्रदीप जायसवाल को अवगत करवाया गया है उसके बाद यहां शिकायत करने आए हैं। शिकायत है कि जब से यह अध्यक्ष बनी है जितेंद्र सिंह राजपूत उन्हें धमकता है हम विधि सम्मत कार्यवाही चाहते हैं। यह आदिवासी पढ़ी-लिखी महिला है सभी को साथ लेकर चलने का प्रयास करती है कई बार हम सुनते हैं कि महिला होने से इन्हें डरते हैं जिससे काम करने में दिक्कत आती है। लेकिन जानकारी हमने अपने वरिष्ठ नेताओं को दे दी है थाना प्रभारी में भी हमें आश्वासन दिया है यदि ठीक कार्यवाही नहीं हुई तो इसकी जानकारी हम अपने ऊपर भेजेंगे।

आदिवासी समाज जिलाअध्यक्ष भुवन सिंह कोर्राम ने पद्मेश से चर्चा में बताया कि जनपद अध्यक्ष महिला आदिवासी है इसमें जिस प्रकार से गुंडागर्दी जीतू राजपूत कर रहे हैं उसने हमारे समाज के नेतृत्व को गिरा हुआ समझ लिया है अनपढ़ जाहिल समझा है। उनकी भाषा जो थी जंगली जाहिल कैसे बनकर आते हैं तो क्या इन्हें अधिकार है क्या। संविधान में सभी जाति समाज को हक दिया है संविधान की मूल भावना समान अधिकार सभी को दिए हैं भेदभाव नहीं किया गया है। इनका पुराना रिकॉर्ड पूरा क्रिमिनल प्रवृत्ति का है तड़ीपार रहे हैं तत्कालीन विधायक डॉक्टर निर्मल के साथ भी इन्होंने अभद्रता की थी ऐसे चरित्र के लोगों के साथ प्रशासन को क्या करना चाहिए। प्रशासन व क्षेत्र की जिम्मेदारी है कि ऐसे लोगों को नेतृत्व करने सामने ना लाये। क्षेत्रीय विधायक से भी कहना है कि ऐसे लोगों से दूर रहे इनका साथ ना ले जिस प्रकार आदिवासी महिला के नेतृत्व को चैलेंज किया गया है कि बिल कैसे निकालेगी काम कैसे करोगी तो प्रशासन को एसटी एससी एक्ट में एफआईआर दर्ज करना होगा। जीतू राजपूत ने चप्पल फेंक कर महिला के सम्मान को ठेस और समाज को चैलेंज किया है इसकी हमारा समाज घोर निंदा करता है। यह पहली बार नहीं है हमारे समाज के टेकाम सेल्समैन के साथ भी इन्होंने बहुत बड़ी घटना करी थी। अगर हमें न्याय नहीं मिला तो जिला और प्रदेश का समाज एकत्रित होकर आंदोलन करेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here