जबलपुर की धनुष बार्डर से पहले पोकरण में होगी तैनात

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155 एमएम 45 कैलीबर धनुष तोप को दुश्मन देश की सीमा पर तैनात किए जाने की तैयारी है। इसके लिए उसके कैलीबर का परीक्षण करने पोकरण में तैयारियां चल रही हैं। जबलपुर से सोमवार को दो तोप पोकरण के लिए रवाना हाे चुकी हैं।

बताया जाता है कि गुजरात के गांधी नगर में मार्च महीने में डिफेंस-एक्सपो का आयोजन किया जाना है, इसी के तहत जीसीएफ की शान और भारतीय बोफोर्स कही जाने वाली धनुष तोप को यहां से रवाना किया जा चुका है। इस तोप की वेस्टर्न-फ्रंट पर तैनाती होगी। डिफेंस एक्सपो के लिए धनुष के अलावा कुछ अन्य आयुध भी रवाना किए जा रहे हैं। यहां से रवाना हो चुकी धनुष का शुरूआती जलवा पोकरण में देखने को मिलेगा। बताया जाता है कि इस आयोजन में व्हीकल फैक्टरी जबलपुर की एमपीवी भी शामिल हो सकती है। इसे लेकर वीएफजे में तैयारियां चल रही हैं। डिफेंस एक्सपो के महत्व को इसी से समझा जा सकता है कि इसमें केवल देश की ही नहीं बल्कि विदेशों से भी अनेेक कम्पनियां अपने आयुध-उत्पादों का प्रदर्शन करेंगी। इस वीआइपी फायरिंग में सेना के बड़े अफसर और विभिन्न आयुध निर्माणियों के आला अधिकारी भी शामिल होंगे।

ये है धनुष की खासियत : धनुष भारतीय सेना की 155 मिमी टोड होवित्जर तोप है। यह पूरी तरह से देश में ही बनी तोप है लेकिन इसकी डिजाइन बोफोर्स होवित्स एफएच77 पर आधारित है। जिसे 1980 के दशक में भारत ने खरीदा था। जबलपुर गन कैरेज फैक्ट्री ने 155 एमएम की इस तोप को बनाया है और इसका डिजाइन गन कैरेज बोर्ड ने तैयार किया। इस तोप के विकास परीक्षण सन 2018 में समाप्त हुए और उपयोग के दृष्टिकाेण से इसका उत्पादन 2019 में आरम्भ हुआ। भारतीय सेना ने संभावित खतरों को देखते हुए धनुष को पहले से ही अपनी आर्टिलरी विंग में शामिल कर रखा है। स्वदेश में निर्मित इस तोप की मारक क्षमता इतनी खतरनाक है कि इससे 50 किलोमीटर की दूरी पर बैठा दुश्मन पलक झपकते ही खत्म हो सकता है।

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