जहां जहां चीतों का मूवमेंट वहां बनेंगे चीता मित्र, पर्यटन का बताएंगे महत्व

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कूनो में बसाए गए चीतों की निगरानी के लिए चीता मित्र और बढ़ाए जाएंगे। इसके साथ ही दूसरे जिलों से लेकर राज्यों की सीमा तक पार करने वाले चीतों को नुकसान न पहुंचे इसके लिए चीता मूवमेंट एरिया में ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा। उन्हें चीता मित्र बतौर चिन्हित कर बताया जाएगा कि चीता से आपके यहां पर्यटन बढ़ सकता है, इन्हें नुकसान नहीं पहुंचाना है बस सावधान रहना है।

चीतों को लेकर प्रजेंटेशन के माध्यम से यह चर्चा उप्र व मप्र के अधिकारियों के बीच हुई। कूनो में बसाए गए चीतों की सुरक्षा को लेकर मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के वन अधिकारियों के बीच मंगलवार को ग्वालियर के स्थानीय होटल में सुबह 11 बजे से बैठक जारी है। कूनो पार्क से निकलकर यूपी सीमा तक चीतों के पहुंचने के कारण वहां के अधिकारियों को भी प्रोजेक्ट से जोड़ा जा रहा है, ताकि यदि ये चीता यूपी की सीमा में पहुंच जाते हैं तो वहां भी उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) चीतों की सुरक्षा के लिए उत्तरप्रदेश के अधिकारियों को उपकरण भी देगा। बैठक में दोनों राज्यों के मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक, एनटीसीए के सदस्य सचिव एसपी यादव सहित कई बड़े अधिकारी मौजूद हैं। बैठक दो सत्रों में होगी। यहां यह बता दें कि कूनो नेशनल पार्क में अभी 14 चीते खुले ज्गल में हैं जिनकी निगरानी करना भी अब चुनौती जैसा है। एक चीता के लिए 12 लोगों की टीम लगी है।

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