जिला मुख्यालय सहित अन्य ग्रामीण अंचलों में सोमवार को राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिबा फुले जी की 132 वी पुण्यतिथि हर्षोल्लास के साथ मनाई गई ।जहां जगह-जगह विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन किए गए। इसी कड़ी में नगर के सरेखा स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले चौक में सामाजिक और स्वजातीय बंधुओं की प्रमुख उपस्थिति में महात्मा ज्योतिबा फुले की 132 वीं पुण्यतिथि मनाई गई ।जहां उपस्थितजनों ने महात्मा ज्योतिबा फुले की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर ,दीप प्रज्वलित किए वही उनकी जीवनी पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रपिता फुले जी के आदर्शो को जीवन में आत्मसात करने और उनके पद चिन्हों पर चलने का संकल्प लिया। वही आयोजित उद्बोधन कार्यक्रम के दौरान प्रमुख वक्ताओं ने महात्मा ज्योतिबा फुले के कार्यों को याद कर उन्हीं की तरह सामाजिक एकता और समाज सुधार कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने की बात कही।
आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर की गई चर्चा के दौरान नगर पालिका सभापति कमलेश पाचे ने बताया कि महात्मा ज्योतिबा फुले समाज सुधारक थे ,उन्होंने जाति आधारित विभाजन के खिलाफ आवाज उठाई थी ।विधवाओं और महिलाओं के लिए अनेक कार्य किए थे ।किसान कल्याण के लिए उन्होंने काफी ज्यादा प्रयास किया था। वही स्त्रियों की शिक्षा के लिए 1854 में स्कूल खोला था. इसके अलावा ऐसे अन्य कार्य हैं जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता हमें उनके जीवनी को आत्मसात करते हुए उनके बताए हुए मार्ग पर चलना चाहिए।










































