जैसलमेर की अंतरराष्ट्रीय सरहद पर शुुुरु होगा सीमावर्ती पर्यटन, नीति आयोग से मिली मंजूरी

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1 दिसम्बर। राजस्थान के सरहदी जिले जैसलमेर आने वाले सैलानी अब अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी पर्यटन का आनंद ले सकेंगे। नीति आयोग के द्वारा जैसलमेर सीमावर्ती पर्यटन को मंजूरी मिलने से पर्यटन को और अधिक बल मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। जिला कलेक्टर आशीष मोदी के द्वारा जैसलमेर में पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए एक प्रोजेक्ट्स अप्रूवल के लिए भिजवाया था, जिसको स्वीकृति मिलने के बाद अब पर्यटन विकास में और लाभ होगा।

प्रोजेक्ट के तहत सरहदी पर्यटन को बढावा दिए के जाने के साथ ही सीमा सुरक्षा बल की कार्य शैली के बारे में पर्यटकों में जागरूकता लाने व उनके द्वारा किए जाने वाले अनुकरणीय कार्य से पर्यटकों को रु – ब – रुकरवाने तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने उद्धेश्य से तनोट- लोंगेवाला – बबलियान के परिपथ को विकसित किया जाएगा । इसके तहत राजस्थान घूमने आने वाले सैलानी अंतर्राष्ट्रीय बॉर्डर को भी देख सकेंगे और पंजाब की ही बातें यहां भी अंतर्राष्ट्रीय सीमा मैं बीएसएफ से जुड़ी कुछ गतिविधियों और बीएसएफ की कैमल गस्त को देख सकेंगे।

टूरिज्म से जुड़े लोगों में ख़ुशी

सीमावर्ती क्षेत्र में टूरिज्म की स्वीकृति मिलने के बाद इस सेक्टर से जुड़े लोगों में खुशी है। लोगों में इस बात की उम्मीद जगी है कि इसकी शुरुआत से यहां रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। साथ ही लोगों के आवागमन होने के साथ साथ यात्री ठहराव भी बढ़ेगा। जिससे होटल, ट्रैवल और फ़ूड बिजनेस से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

कनेक्टिंग फ्लाइट्स से और मिलेगा सहयोग

पर्यटन सीजन में जैसलमेर के साथ-साथ जोधपुर में भी फ्लाइट की संख्या में इजाफा हुआ है, जिससे टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही जोधपुर में अब एयरपोर्ट के समय में भी बदलाव किया गया है। पहले एयरपोर्ट का समय 10:00 बजे निर्धारित हुआ करता था, जिसे अब बढ़ाकर सवेरे 6:00 बजे कर दिया गया है, जिससे एयरपोर्ट पर यात्री भार से भी राहत मिलेगी। इसके अलावा जैसलमेर एयरपोर्ट पर भी सीधी फ़्लाइट को लेकर प्रयास किये जा रहे हैं।

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