बीते कुछ दिनों से अनवरत रूप से बारिश का दौर जारी है। जिसके चलते क्षेत्र के नदी नाले अपने पूरे शबाब पर बह रहे है। वही कुछ नालों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। लालबर्रा रोड़ स्थित टोण्ड्या नाले पर बीते दो दिनों से बाढ़ होने की वजह से आवागमन में भारी परेशानी हो रही। नाले के दोनो तरफ छोटे व बड़े वाहनों की लंबी कतार लगी है। जिसके कारण कुछ ग्रामों का संपर्क वारासिवनी मुख्यालय से टूट गया है। इसी तरह नेवरगॉव से कोपे मार्ग पर बने नालें में भी बाढ़ है। जिससे आवागमन पूरी तरह से अवरूध्द हो गया है। लोग लगातार टोण्ड्या नाले की ऊंचाई बढ़ाये जाने की मांग शासन प्रशासन से कर रहे है। हमेशा बारिश के दौरान इस नाले पर बाढ़ के हालात बने रहते है। जिससे आवागमन कई कई दिनों तक प्रभावित हो जाता है। वर्तमान समय में पुल के ऊपर से ४ फीट पानी बह रहा है। जिसकी वजह से अब बड़े वाहनों के पहिये भी थम गये है।
पुल की ऊंचाई कम होने से झेल रहे बाढ़ का दंश – नरेन्द्र
पद्मेश को जानकारी देते हुये नरेन्द्र राज पांडे निवासी रामपायली गर्रा ने बताया कि बीते दो दिनों से टोण्ड्या नाला का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है। जिससे हम दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है। उन्हे लामता के अमोली जाना था लेकिन बताया जा रहा है कि अगर वे बालाघाट होते हुये लामता अमोली जायेंगे तो उन्हे कम से कम एक लीटर अधिक पेट्रोल लग जायेगा जिससे उनका बजट बिगड़ेगा ऐसे में टोण्ड्या नाले की ऊंचाई बढ़ाई जाना अति आवश्यक है।
गर्रा होते हुये अगर जायेंगे तो फैरा पड़ता है – इल्यास शेखे
इल्याश शेख ने बताया कि वे लालबर्रा एक गमी में जा रहे थे उन्हे लगा की वे अपनी मोटर साईकिल नाले की बाढ़ से निकाल लेंगे लेकिन नाले की बाढ़ को देखकर उनकी हिम्मत जबाव दे गई है। अब वे लालबर्रा गर्रा होते हुये जायेंगे। हमारी मांग है कि टोण्डया नाला लालबर्रा, बरघाट, सिवनी, जबलपुर को सीधे जोड़ता है ऐसे में नाले की ऊंचाई बढ़ाने का प्रयास प्रशासन को करना चाहिये।
यहां यह बताना लाजमी है कि पुल के ऊपर पानी होने की दशा के बाद भी कई दोपहिया चालक अपनी जान जोखिम में डालकर अपने वाहन निकाल रहे है वही जागरूक लोग ऐसा करने से कतराते हुये नजर आये।
हालांकि यह माना जा रहा है कि बारिश का दौर इसी तरह चलता रहा तो नाले के ऊपर से बह रहा पानी नाले के करीब बसे ग्राम सोनबाटोला में घुस जायेगा।










































