डेढ़ साल के बेटे ने दी शहीद पिता को मुखाग्नि,तिरंगे से लिपटा आया शहीद का पार्थिव शरीर, राजकीय सम्मान के साथ सलामी देकर किया अंतिम संस्कार

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गुना जिले के सहरोक के जंगल में शिकारियों से हुई मुठभेड़ में सब इंस्पेक्टर राजकुमार शहीद हो गए, उनका पार्थिव शरीर शनिवार को तिरंगे में लिपटा हुआ अशोकनगर पहुंचा, जहां उन्हें पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, इसके बाद उनके अंतिम सफर में सैंकड़ों की संख्या में शहरवासी सहित भाजपा और कांग्रेस के नेताओं सहित काफी संख्या में पुलिसवाले शामिल थे, इस अवसर पर उन्हें विधायक जजपाल सिंह जज्जी, एडिशनल एसपी प्रदीप पटेल और एसडीओपी संजय चतुर्वेदी ने कंधा दिया, राजकुमार का महज 1.5 साल का बेटा है, जिसका हाथ लगवाकर उनके छोटे भाई द्वारा मुखाग्नि दी गई। अंतिम विदाई के दौरान एडीजे विजय कटारिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी राज्यमंत्री बृजेंद्र सिंह यादव, विधायक जजपाल ङ्क्षसह जज्जी, कलेक्टर, पुलिस विभाग सहित राजस्व विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।
पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
जैसे ही राजकुमार की पत्नी और परिजनों को खबर लगी, उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया, शहीद की पत्नी राजकुमार के शरीर को पकडक़र रोने लगी, उनका महज डेढ़ साल का बेटा है, इसलिए शहीद का अंतिम संस्कार राजकुमार का छोटा भाई करेगा, लेकिन उनके बेटे का हाथ भी लगवाया जाएगा, अंतिम विदाई में पीएचई राज्यमंत्री बृजेंद्रसिंह यादव और विधायक जजपालसिंह जज्जी सहित सभी पुलिस अधिकारी हुए शामिल। शहीद को बारी-बारी से पुलिसवालों सहित मंत्री और विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और शहरवासियों ने कंधा दिया।
शहीद पिता को डेढ़ साल के बेटे की अंतिम विदाई
शहर के गणेश कॉलोनी में उपनिरीक्षक राजकुमार जाटव का परिवार रहता है, वर्ष 2017 में उनकी नौकरी लगी थी और वह गुना जिले में पदस्थ थे। तीन भाईयों में राजकुमार दूसरे नंबर के थे। रात में गुना जिले के सहरोक में गश्त के दौरान शिकारियों से मुठभेड़ में एसआई राजकुमार जाटव शहीद हो गए। सुबह एएसपी प्रदीप पटेल, एसडीओपी संजय चतुर्वेदी और कोतवाली थाना प्रभारी नरेंद्र त्रिपाठी उनके घर पहुंची तो परिजन सुबह ही गुना के लिए रवाना हो गए थे। दोपहर में पुलिस वाहन से ससम्मान एसआई राजकुमार जाटव की पार्थिव देह को शहर में लाया गया।
बड़ी संख्या में पहुंचे पुलिस जवान
जब एसआई राजकुमार जाटव की पार्थिव देह पुलिस वाहन से गुना से अशोकनगर आई तो विदिशा रोड दुकानदारों ने शोक में अपनी दुकानें बंद कर दीं और पुलिस ने विदिशा रोड मार्ग को दोनों तरफ से बंद कर दिया। साथ ही बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी व पुलिस जवान सहित भाजपा-कांग्रेस सहित सभी राजनैतिक दलों के जनप्रतिनिधि उनके घर गणेश कॉलोनी पहुंचे। जहां से उनकी पार्थिव देह को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।
2019 में हुई थी शादी:
जाटव के पड़ोसियों ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ गणेश कॉलोनी में रहते थे। 2019 में ग्वालियर के डबरा में राजकुमार की शादी हुई थी। 2 दिन पहले ही वह पत्नी और बच्चों को अशोकनगर छोडक़र वापस अपनी ड्यूटी पर चला गए थे। 2017 में उनकी नौकरी लगी थी और वह गुना में पदस्थ थे। जाटव के पिता राम कृष्ण जाटव भी पुलिस में थे। और फरवरी में वे रिटायर हुए थे। राजकुमार अपने तीन भाई और दो बहनों में तीसरे नंबर पर थे।

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