डेढ महीने बाद भी नहीं सुधरी राजधानी की सडकों की हालत

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राजधानी में नगर सरकार के गठन को करीब डेढ महीने हो चुके है लेकिन अभी तक खराब सडकों को सुधारने का काम प्रारंभ नहीं हो सका है। बारिश के बाद शहर की ज्यादातर सडकें खस्ताहाल हो चुकी है, लेकिन मरम्मत का काम नहीं कराया जा रहा है। चुनाव के दौरान महापौर ने अपने पार्षदों के साथ जनता के बीच पहुंचकर शहर के संपूर्ण विकास के वादे कर ही उनका विश्वास जीता है। शहर की अंदरूनी सड़कों की हालत बेहद ही खराब है। शहरवासी इन गड्ढों से पटी सड़कों पर चलने को मजबूर हैं तो इन पर उड़ती धूल स्वास्थ्य बिगाड़ रही है। इसके बाद भी नगर निगम सड़कें बनाने को लेकर कोई कदम नहीं उठा रहा है। रहवासी मलबे से भर रहे गड्ढे, हो रहे हादसे व्यापारी और रहवासिायों ने अंदरूनी सड़कों के गड्ढे मलबे से भर दिए हैं। अब यह मलबा लोगों के लिए जानलेवा बन रहा है। पानी गिरने से दो पहिया वाहन स्लिप हो जाते हैं। इसके अलावा चार पहिया वाहन फंसने से जाम लग जाता है। बता दें कि पिछले तीन साल में सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्य में लगभग 250 करोड़ रुपये खर्च तो किए गए, लेकिन इनके निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की पोल भारी वर्षा ने खोलकर रख दी है। बावजूद इसके अब तक जिम्मेदारों पर नगर निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की है। प्रमुख बाजार से होकर गुजरने वाले इतवारा रोड ऐतिहासिक हैं किसी समय इस सड़क पर राजा- महाराजाओं और नवाबों के दौरे होते थे। नगर निगम की अनदेखी के चलते सड़क बदहाल स्थिति में है। जगह-जगह गड्ढों होने से लोगों का वाहन चलाना मुश्किल हो गया है। शाहजहांनाबाद थाने के सामने से गुजरी यह रोड सिद्दकी हसन तालाब के नाम से जानी जाती है। तालाब के किनारे बनी यह सड़क बदहाल हो गई है। गड्ढे और धूल हो जाने से आवागमन करने के साथ ही रहवासिायों तक के लिए परेशानी का सबस बन गई है। ऐतिहासिक ईदगाह हिल्स की रोड भी जर्जर हो गई हैं। यहां पर कैंसर अस्पताल तो है ही साथ ही यह एक रिहयासी इलाका भी है। फिर भी जगह- जगह से उखड़ी सड़क को सुधारने की तरफ निगम ध्यान नहीं दे रहा है।पुराना आरटीओ, रेजीमेंट रोड- उखड़ी पुराने आरटीओ से लेकर मिलेट्री गेट तक की लगभग दो किलोमीटर के सड़क पर जगह- जगह गड्ढे होने से इलाके में रहने वाले रहवासी परेशान हैं। वहीं यहां मार्केट होने से खरीदी करने आने वाले ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।पजीवीटी रोड पर मार्केट है और यह गीतांजलि महाविद्यालय तक की रोड पर गहरे- गहरे गड्ढे हो गए हैं। डीआइजी बंगला से गणेश मंदिर छोला तक पहुंचने वाली रोड भी उखड़ गई है। उड़ती धूल से कालोनियों के रहवासी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।मोतिया तालाब रोड अतिव्यस्त मार्ग में से एक है क्योंकि एक तरफ तालाब है तो दूसरी तरफ अस्पताल बने हुए हैं। सड़क की लगभग छह महीने पहले ही मरम्मत की गई थी, लेकिन भारी वर्षा की वजह से गहरे – गहरे गड्ढे हो गए हैं। इस वजह से यहां अक्सर घंटों तक जाम लग जाता है। इस बारे में महापौर मालती राय का कहना है कि शहर की सड़कों का निर्माण और मरम्मत करने के लिए योजना तैयार कर ली गई है। निगमायुक्त समेत अन्य अधिकारियों से चर्चा की गई है, जल्द ही सड़कों के निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। नगर निगम आयुक्त केवीएस चौधरी का कहना है कि अधिकांश सड़कें ठेकेदारों से बनवाई गईं थी, यह देखा जा रहा है कि वह गारंटी अवधि में हैं या नहीं। यदि गारंटी में हैं तो ठेकेदारों से कहा जाएगा, उनके द्वारा निर्माण नहीं कराने पर कंपनी पर कार्रवाई की जाएगी।

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