वारासिवनी(पद्मेश न्यूज)। वारासिवनी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत थानेगांव में किसानों एवं ग्रामीणों के लिए जंगली सूअर एक बड़ी मुसीबत बनी हुई है। जहां लोगों में भय का वातावरण बना हुआ है जंगली सूअर के द्वारा लगातार खेतों में भ्रमण कर फ सल के साथ किसानों पर भी हमला किया जा रहा है। जिसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है, उक्त समस्या से निजात दिलाने के लिए अनेकों बार ग्रामीणों ने वन विभाग को शिकायत कर मांग की है। परंतु वन विभाग के द्वारा इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया गया है जिसका परिणाम है कि जंगली सूअर के आतंक से लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। जहां पर किसान अपने खेत में स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं बीते दिनों ही एक महिला को जंगली सूअर के द्वारा गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। लोगों पर जंगली सूअर के दौडऩे और खेतों में गड्ढा कर फ सल को नुकसान पहुंचाने की समस्या आम हो गई है।
सामूहिक रूप से किसान खेतों में जाकर कर रहे काम
ग्राम पंचायत थानेगांव और उसके आसपास स्थित खेतों में जंगली सूअर का ठिकाना बना हुआ है। जहां पर एक दो नहीं पूरे झुंड में जंगली सूअर निवास करते हैं। वर्तमान में किसानों के खेतों में रबी धान की फसल लगी हुई है। ऐसे में किसान अपने खेत में जाने के लिए कतरा रहे हैं जबकि कोई भी किसान प्रतिदिन अपने खेत में आता जाता है परंतु वह जंगली सूअर के आतंक से डरे हुए हैं। जो खेत पड़ोसी के साथ सामूहिक रूप से दो चार लोग डंडे लेकर अपने खेत की ओर आना जाना करते हैं। वह भी अंधेरा होने के पहले लौट जाते हैं इसके बाद रात्रि में वह अपने खेतों में मोटर पंप चलाने या कोई भी कार्य करने के लिए नहीं जा पाते हैं। यह स्थिति बीते कुछ समय से बनी हुई है जिसको लेकर वन विभाग को भी शिकायत की गई है जहां विभाग के द्वारा निरीक्षण किया गया था किंतु वह भी इस समस्या के आगे असमर्थ नजर आ रहे हैं। किसानों के अंदर काफ ी रोष व्याप्त है क्योंकि जंगली सूअर खेतों में झुंड के साथ इधर से उधर भागते हैं। वहीं खेतों के अंदर बड़े बड़े गड्ढे कर फसल को उखाड़ दे रहे हैं जिससे फ सल की नुकसानी भी बनी हुई है जबकि अभी वर्तमान में लगातार खेती कार्य लगे हुए हैं। रबी की फसल कटाई के बाद खरीफ की फ सल की तैयारी करना है या जिसने रबी की फसल नहीं लगाया है उसे अपनी खेती तैयार करना है कांटा जलाना है जैसे विभिन्न कार्य खेतों में लगे हुए हैं। जिसके लिए किसान मजबूरी में खेतों में आना जाना कर रहा है।
जंगली सूअर से सभी ग्राम वासी परेशान है- विजेंद्र माहुरकर
किसान विजेंद्र माहुरकर ने बताया कि खेत में अभी हमारी रबी में धान की फसल लगी हुई है जहां पर जंगली सूअर आती जाती रहती है हमारे खेत से ही पूरा झुंड भागता है। दिन में हम खेत नहीं जा पाते हैं अभी कुछ समय पहले हमारे खेत पड़ोसी है मोतीराम को जंगली सूअर ने पीछे से आकर उठाकर पटक दी थी। इसके बाद से हमारे इधर डर बना हुआ है अकेले कोई खेत नहीं जाता है दो चार लोग मिलकर जाते हैं। यह जंगली सूअर पूरे खेत में धान को जमा कर देती है बडे बड़े गड्ढे खोदती है फसल को नुकसान पहुंचती है । आदमी को नुकसान पहुंचती है यह सब डर हमें लगा हुआ है और आगे खरीफ में और ज्यादा डर है।
शासन प्रशासन जंगली सूअर के मामले में आंख बंद कर बैठा है-नरेंद्र सुलकिया
किसान नरेंद्र सुलकिया ने बताया कि हमारे यहां जंगली सूअर का बड़ा आतंक है रात में मोटर पंप बंद चालू करने नहीं जा पाते हैं। क्योंकि रात की तो छोड़ो यहां दिन में भी जंगली सूअर हमला करता है पानी की तलाश में यह जंगली सूअर खेतों में आ रहे हैं क्योंकि दूसरे तरफ पानी का अभाव बना हुआ है। किसान इतने डरे हुए हैं कि जंगली सूअर के कारण खेतों में नहीं जा पा रहे हैं,एक सप्ताह पहले एक महिला को सूअर ने घायल कर दिया था वह अपने मवेशियों के लिए घास काटने गई थी। अभी हमारे किसान बहुत डरे हुए हैं इस पर वन विभाग का कोई ध्यान नहीं है । जंगल में यदि जंगली सूअर हताहत होती है तो वन विभाग तत्काल हरकत में आता है। पर यहां हमारे साथ जो घटना घट रही है उस पर भी इन्हें ध्यान देना चाहिए परंतु शासन प्रशासन आंख बंद कर बैठा है। हम चाहते हैं कि वह जंगली सूअर पर ध्यान देकर अंकुश लगाये और उसे जंगल की ओर ले जायें।










































