देश का पहला जियोलाजिकल म्यूजियम शहर में 35 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हो रहा है। इसकी पहली गैलरी शनिवार को जियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया(जीएसआइ) के डायरेक्टर जनरल डा. एस राजू को हैंडओवर कर दी। इस दौरान डायरेक्टर जनरल डा. राजू व नगर निगम आयुक्त किशोर कान्याल सहित अन्य अधिकारियों ने म्यूजियम की पहली गैलरी का जायजा लिया। इस म्यूजियम का लोकार्पण इसी माह संभव है और संभावना जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसका उद्घाटन कर सकते हैं। डायरेक्टर जनरल ने बताया कि भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण शुरू से इंडियन म्यूजियम कोलकाता की तीन गैलरी मेंटेन करते हैं। भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण के छह क्षेत्रीय कार्यालय और 28 राज्य इकाई कार्यालय में भू-विज्ञान संग्राहलय है, लेकिन पूर्ण रूप से यह संग्रहालय ग्वालियर में पहली बार बन रहा है। इसमें दो गैलरी हैं। इसमें पहली गैलरी का नाम परिवर्तनशील पृथ्वी और दूसरी का नाम जीवन का विकास है। इसमें से पहली गैलरी पूरी तरह से तैयार हो चुकी है। शीघ्र ही इसका लोकार्पण किया जाएगा।
अंचल में होगा भू-विज्ञान पर्यटन
डायरेक्टर जनरल ने बताया कि भविष्य में ग्वालियर को भू-पर्यटन के रूप में तैयार किया जाएगा। ग्वालियर के निकट के जिलों में पर्यटकों को राष्ट्रीय भू-पर्यटन के लिए भू-विरासत स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा। इसमें मुरैना के चंबल के बीहड़, शिवपुरी के ढाला में उल्का पिंड के प्रभाव से बना गड्ढा घुमाया जाएगा। पिछोर में भू-विरासत स्थल के रूप में आर्बिकुलर ग्रेनाइट साइट विकसित की जाएगी।










































