- पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते दुनियाभर में गहराए गैस और तेल संकट के बीच भारत सरकार ने बुधवार को एक बार फिर साफ किया कि देश में पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं है। ऐसे में पैनिक में आकर खरीदारी करने से बचें।
- पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं
- सरकार ने बताया कि हमारे पास पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल-डीजल मौजूद है। इस दौरान, सरकार ने देशवासियों से अपील की कि वह पैनिक में आकर फ्यूल की खरीदारी न करें। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और तेल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया कि घरेलू बाजार में एटीएफ (एविएशन टरबाइन फ्यूल) और डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने निर्यात शुल्क (एक्सपोर्ट लेवी) लगाया है। देश में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है। मैं सभी से अपील करती हूं कि घबराकर खरीदारी से बचें।
- सिलेंडरों की कीमत में नहीं हुई बढ़ोतरी
- सरकार ने PNG नेटवर्क के विस्तार के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। इन प्रयासों के चलते मार्च माह में ही करीब 3 लाख 25 हजार कनेक्शनों के लिए गैस की आपूर्ति शुरू की गई… एलपीजी के मामले में हमारी आयात निर्भरता लगभग 60 फीसदी है। इसके बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। हालांकि, इससे ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को अंडर-रिकवरी का सामना करना पड़ रहा है।
- इन नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2022–23 में लगभग 22 हजार करोड़ रुपये की सहायता दी थी। इसी तरह, वित्त वर्ष 2025–26 में संभावित नुकसान को पूरा करने के लिए करीब 30 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता को मंजूरी दी गई है।








































