नकल रोकने अजीबो गरीब प्रयोग: भिंड में बोर्ड परीक्षा के प्रश्न पत्र होने तक शिक्षक रहे नजरबंद

0

माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए भिंड प्रशासन ने अजीबो गरीब तरीका अपनाया। प्रशासन ने छात्रों को ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षकों को डाइट में नजर बंद करके रखा। हालांकि प्रशासन के इस आदेश का शिक्षकों ने विरोध कर दिया। डाइट में केवल तीन शिक्षक ही पहुंचे। ये शिक्षक परीक्षा समय पूरा होने के बाद ही गए। बोर्ड परीक्षा शुरू होने पर भिंड के कलेक्टर ने आदेश जारी किया कि कोचिंग पढ़ाने वाले शिक्षक परीक्षा के दौरान पुलिस थाने में हाजिरी देंगे। उन्हें तब तक थाने में हाजिर रहने के आदेश थे जब तक परीक्षा का प्रश्न पत्र का समय खत्म नहीं हो जाता।

बोर्ड परीक्षाओं में नकल को रोकने के लिए भिंड जिला प्रशासन ने तुगलकी फरमान जारी कर दिया। आदेश में कोचिंग पढ़ाने वाले शिक्षकों को थाने में हाज़िरी देना होगी। शिक्षकों को परीक्षा के समय थाने में बैठना होगा। बोर्ड परीक्षा के पहले दिन मेहंगाव में शिक्षकों को थाना में बैठना पड़ा तो भिंड में सोशल मीडिया पर इनके वीडियो व फोटो वायरल हो गए हैं। प्रशासन ने शिक्षकों को थाने से डाइट परिसर में नज़र बंद कर दिया। इस घटना से शिक्षकों में काफ़ी रोष है।

थाने पहुंचे तो पुलिस ने लौटाया

आदेश के पालन में शिक्षक थाने पहुंचे। लेकिन उन्हें वहां से लौटा दिया गया। चूंकि गुरुवार को अंग्रेजी का पेपर था। इसलिए अंग्रेजी के शिक्षक ही थाने पहुंचें थे। इसके बाद सभी शिक्षकों को भिंड डाइट परिसर में बैठा दिया गया। शिक्षकों का कहना था कि उनके साथ व्यवहार भी अपराधियों जैसा किया जा रहा था। शिक्षकों का कहना था कि जिला शिक्षा अधिकारी यह आदेश शिक्षक की गरिमा के खिलाफ है और शिक्षक का समाज में सम्मान होता है। हालांकि कलेक्टर भिंड सतीश कुमार का कहना है कि शिक्षकों को थाने में बैठाने की व्यवस्था परीक्षा तक जारी रहेगी। कल से विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को अन्यत्र स्थानों पर बैठाया जाएगा। सम्भव होगा तो सभी भिंड बुलाकर कलेक्ट्रेट या किसी एक परिसर में बैठने की व्यवस्था की जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here