गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिले में नक्सली विरोधी अभियान में मध्य प्रदेश पुलिस के तीन पुलिस अधिकारी जिनमें अंशुमन चौहान निरीक्षक हॉक फोर्स, मनोज कापसे सहायक उप निरीक्षक हॉक फोर्स, और अतुल शुक्ला सहायक उप निरीक्षक हॉक फोर्स को दो हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराने में अदम्य साहस एवं वीरता का परिचय देने पर वीरता पदक से सम्मानित किया गया।
ज्ञात हो की 30 नवंबर 2022 को जिले के गढ़ी थाना अंतर्गत सुपखार जंगल क्षेत्र के जामसहेरा वन चौकी समीप प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी लमाओवादी) के सशस्त्र वर्दीधारी नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना प्राप्त हुई थी। उक्त सूचना पर नक्सलियों की धरपकड़ तथा घेराबंदी की कार्रवाई करने हेतु बालाघाट पुलिस तथा हॉक फोर्स स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की टीमों द्वारा प्रातः 9:30 बजे से 10:30 बजे जामसेहरा के जंगल में घेराबंदी की कार्रवाई की गई थी। पुलिस बल द्वारा नक्सलियों को घेर लिए जाने पर उन्हें आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी गई थी। चेतावनी के बावजूद नक्सलियों द्वारा पुलिस पार्टी को जान से मारने की नीयत से अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। पुलिस पार्टी द्वारा आत्मरक्षार्थ संतुलित जवाबी फायरिंग की गई थी। इस मुठभेड़ के बाद घटनास्थल का सर्च करने पर दो नक्सलियों के शव पाए गए थे। जिनकी शिनाख्त कान्हा भोरमदेव डिवीजन के खटिया मोर्चा एरिया कमेटी के जोन समन्वयक टीम प्रभारी गणेश उर्फ उमेश मड़ावी,तथा कान्हा भोरमदेव डिवीजन के विस्तार प्लांटून 2 के कमांडर राजेश उर्फ नंदा वंजाम के रूप में की गई थी। नक्सली गणेश उर्फ उमेश मड़ावी के पास से एक एके-47 राइफल और नक्सली राजेश उर्फ नंदा वंजाम के पास से 315 राइफल एवं अन्य सामग्री पुलिस द्वारा बरामद की गई थी। नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना मिलने पर उक्त तीनों पुलिस अधिकारियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए अदम्य साहस व वीरता का परिचय देते हुए घने जंगल के भीतर नक्सलियों के ठिकाने पर पहुंचकर रणनीतिक कार्य कुशलता का परिचय दिए थे। मुठभेड़ में मारे गए दोनों नक्सली मध्य प्रदेश महाराष्ट्र छत्तीसगढ़ जोन में फैले नक्सल नेटवर्क के बड़े कैडर के थे। इन नक्सलियों पर तीनों राज्यों में संयुक्त रूप से 34 गंभीर अपराध दर्ज थे तथा तीनों राज्य में कुल मिलाकर 49 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था।










































