नगर पालिका द्वारा टैक्सों में रियायत देने के लिए लगाई गई लोक अदालत में संपत्ति कर की राशि हुई दुगनी,

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13 मई को जिले में लोक अदालत का आयोजन किया गया था जिसके तहत नगरपालिका बालाघाट में भी वार्डवासियों के टैक्स एवं बकाया राशि पर आपसी सहमति से निपटाराकर टैक्सों की वसूली हेतु लोक अदालत का आयोजन किया गया था किंतु यहां पर टैक्स जमा करने वार्डवासियों से दुगना टैक्स लिया जा रहा था जिससे नगर पालिका में हंगामे की स्थिति निर्मित हो गई

13 मई को जिले में लोक अदालत का आयोजन किया गया था जिसके तहत नगरपालिका बालाघाट में भी लोक अदालत का आयोजन आपसी निपटारे एवं जलकर, संपत्तिकर सहित अनेकों टैक्स की वसूली आपसी निपटारे के साथ किया जाना था एवं वार्डवासियों को इसकी सूचना पूर्व में ही दे दी गई थी जिन पर जितना टैक्स बन रहा था उतने की रसीद भी उन्हें 7 दिन पहले ही नगर पालिका द्वारा उनके घरों तक पहुंचा दी गई थी किंतु शनिवार को जब लोक अदालत में पहुंचे वार्डवासियों द्वारा अपने टेक्स्ट की पर्ची नगरपालिका में दी गई तो वहीं संपत्ति कर देने आए वार्डवासियों को दोगुनी राशि जमा करने को कहा जाने लगा जिसको लेकर के संपत्ति कर जमा करने आए वार्डवासियों द्वारा नगरपलिका में हंगामा किया गया और कहा गया कि जब उन्हें जितनी राशि की नोटिस भेजी गई है वह उतनी ही राशि पटायेंगे अन्यथा इस प्रकार से दुगनी राशि ली जाएगी तो वहां राशि नहीं पट आएंगे

मै दुगनी राशि जमा नहीं कर सकते हैं- रमेश गोखले

इसमें वार्ड नंबर 2 से अपना संपत्ति कर पटाने आए वार्डवासी रमेश गोखले बताते हैं कि उन्हें 1 सप्ताह पहले नगर पालिका द्वारा 6940 हजार की राशि पटाने के लिए नोटिस दिया गया था और जब वह संपत्ति कर पटाने नगरपालिका में पहुंचे तो उन्हें अचानक से संपत्ति कर में बैठे कर्मचारियों द्वारा दुगनी राशि पटाने को कहा जाने लगा और वह इतनी राशि देने के लिए सक्षम नहीं है और वहां 11 से12 हजार टैक्स की राशि नहीं पटा सकते हैं और इसके पहले उन्हें ऐसी कोई सूचना नहीं दी गई थी कि उन्हें नगरपालिका में आकर दुगनी राशि जमा करनी है उन्हें तो मात्र एक नोटिस मिला था कि उन्हें 6940 हजार की याशी ही नगर पालिका में आकर जमा करना है और जब वह नगरपालिका पहुंचे तो संपत्ति कर जमा करने वाले कर्मचारियों द्वारा कहा जाने लगा कि अब उनका संपत्ति कर की राशि दुगनी कर दी गई है और उन्हें यह दुगनी राशि ही पटाना पड़ेगा और वह चाहते हैं कि अब वह इतनी राशि जमा नहीं कर सकते हैं यदि जो उन्हें नोटिस में भेजा गया था उतनी ही राशि वह जमा कर सकते हैं अन्यथा वह संपत्ति कर जमा नहीं करेंगे उनके द्वारा कहा गया कि जिस प्रकार से लोक अदालत का आयोजन किया जाता है उसमें कुछ राशि की छूट देकर उनसे बकाया राशि ली जाती है किंतु यहां तो लोक अदालत में दोगनी राशि वसूल की जा रही है तो ऐसे में लोक अदालत लगाने का कोई औचित्य ही नहीं रहा

दो लाख रूपये को दोगुना कर चार लाख रूपये जमा करने को कहा जा रहा है- मन्नू नगपुरे

संपत्ति जमा करने आए मन्नू नगपुरे बताते हैं कि वह आज नगर पालिका में लोक अदालत का आयोजन किया गया था तो उसमें वह अपनी संपत्ति कर का भुगतान करने पहुंचे थे उनका संपत्ति कर दो लाख रुपए है और उन्हें घर में दो लाख रूपये जमा करने की नोटिस भी नगरपालिका के द्वारा दी गई थी किंतु जब वहां नगरपलिका पहुंचे तो उन्हें अचानक से संपत्ति कर जमा कर रहे नगर पालिका के कर्मचारी द्वारा दो लाख रूपये को दोगुना कर चार लाख रूपये जमा करने को कहा जा रहा है और वह ऐसी स्थिति में संपत्ति कर का भुगतान नहीं करना चाहते हैं क्योंकि वह बताते हैं कि उन्हें टैक्स दुगना हो गया है इसकी जानकारी नगर पालिका के द्वारा पहले से नहीं दी गई थी और उन्हें यह भी कहा गया था कि जो उनका दो लाख रूपये का टैक्स है उसे लोक अदालत के माध्यम से कुछ कम करके जमा करवाया जाएगा यह बात कही गयी थी पर जब वह यहा आये तो यहा पर बिल्कुल भी ऐसा नहीं हो रहा है और उनसे दुगुना टैक्स वसूला जा रहा है

यह लोक अदालत है तो यहां पर रियायत देना चाहिए था पर यहां पर दोगुना टैक्स लिया जा रहा है- योगराज लिल्हारे

नेता प्रतिपक्ष कारू योगराज लिल्हारे बताते हैं कि आज नगर पालिका में जो लोक अदालत लगाई गई है उस का मुख्य उद्देश्य है कि जो लोग टैक्स नही पटा रहे हैं उन्हें टैक्स पटाने में कुछ रियायत दी जाये ताकि लोग इस रियायत का फायदा उठाते हुए अधिक से अधिक लोग अपना टैक्स नगरपालिका में जमा कर सके किंतु उनके वार्ड के 2 लोग जब यहां संपत्ति कर जमा करने पहुंचे तो उनसे दिए गए नोटिस में राशि से दोगुना टैक्स मांगा जा रहा है जबकि यह लोक अदालत है तो यहां पर रियायत देना चाहिए था पर यहां पर दोगुना टैक्स लिया जा रहा है और जनता को लूटा जा रहा है आज जो सरकार है वह लोगों को दुगुना पैसा लेकर लूटने का काम कर रही है और यदि टैक्सों में किसी प्रकार की वृद्धि की गई थी तो उसकी सूचना आम जनता को पहले दी जानी चाहिए थी ताकि वह उतना पैसा देकर टैक्स जमा करने नगर पालिका में पहुंचे उन्हें कम पैसे देने की नोटिस देकर यहां पहुंचने पर दोगुना पैसा दने की बात कही जा रही है जोकि बहुत गलत है

नपा और नपा के कर्मचारी की गलती की वजह से यह संपत्ति कर दुगना होने की जानकरी नही लगी आम जनता को – निशांत श्रीवास्तव

इस पूरे विषय को लेकर हमारे द्वारा जब नगरपालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी निशांत श्रीवास्तव से चर्चा की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि जो आज लोक अदालत लगाई गई है उसमें वार्ड वासियों को टैक्स पटाने के लिए नोटिस दिया गया था पर पोर्टल अपडेट होने की वजह से उन्हें राशि दोगुनी शो हो रही है जिस कारण से यह परेशानी उत्पन्न हुई है जबकि मार्च 2021 में शासन से यह गजट प्रकाशित हो चुका था कि सभी नगर पालिका एवं निकाय को शक्ति से संपत्ति कर एवं अन्य करो कि शासन स्तर से गाइडलाइन बनाकर उनका पालन करना है किंतु बालाघाट नगर पालिका में यह नहीं हो पाने के कारण यहां पर पिछले 2 सालों से पुराने रेटों पर ही संपत्ति कर की राशि वसूल कर रहे हैं जबकि शासन की गाइडलाइन यह थी कि 1 अप्रैल 2022 से नया टैक्स लेना शुरू किया जाना था और शासन द्वारा 2 साल से पोर्टल को अपडेट नहीं किया गया था जिसका कारण बहुत सारी निकायों की स्थानी समस्या होने के कारण यह कार्य नहीं हो पाया था उसके बाद यहां कुछ दिन पहले उसको अपडेट कर दिया गया है और उन्हें यह जानकारी अभी 2 दिन पहले ही लगी है इसमें पुरानी परिषद और यहां का जो नगरपालिका का स्टॉप की गलती की वजह से यह संपत्ति कर की नई दरों के माध्यम से अब संपत्ति कर लिया जाएगा उसी के अनुसार से अब टैक्स जमा होगा जिसके लिए वह आम जनता से अपील भी करते हैं कि वह दुगने हुए टैक्स को जमा करें और उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि अब टैक्स दोगुना बढ़कर आएगा इसलिए उन्होंने आमजन को इसकी जानकारी नहीं दे सके और नगरपालिका सभी नगर वासियों से इसके लिए क्षमा मांगती है और अपील करती है कि नए दरों के हिसाब से ही टैक्स जमा करें

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