दीपावली पर्व नजदीक आते ही दीयों की बयार नगर में देखने मिल रही है जहां चौक चौराहों पर कुम्हारों की दुकाने गलियों कूचों में कुम्हारों के हाथ ठेले आकर्षक दियों की सॉज सज्जा के साथ सजे हुये है। वही इन्ही कुम्हारों के यह ठेले प्रत्येक वार्ड में भ्रमण कर अपना व्यवसाय संचालित कर रहे है। बाजार में भी दिये की दुकाने सॅजी हुई है। इस दौरान मिट्टी के आकर्षक दिये जिसमें छोटा दिया, बड़ा दिया, मोर पंख, सूरजमुखी जैसी अनेकों कलाकृति के दीप बेचे जा रहे है। विदित हो कि इस मर्तबा दीयों के दाम में काफी इजाफा हुआ है। जिसके पीछे का कारण बारिश को बताया जा रहा है। जानकार बताते है कि पहले १५ रूपये दर्जन मिलने वाले दिये इस मर्तबा ३० से ४० रूपये दर्जन मिल रहे है। पद्मेश को जानकारी देते हुये कुम्हार विकास प्रजापति ने बताया कि हम कुछ ही घर के कुम्हार दीया, मूर्ति निर्माण का कार्य करते है। लेकिन दो साल तक कोराना व उसके बाद इस वर्ष बारिश ने हमें काफी हलाकान किया है। वर्तमान समय में ४ दिन के बाद दीपोत्सव पर्व है ऐसे में हम लोग प्रत्येक वार्ड में ठेले लेकर पहुॅचकर दीपों का व्यवसाय कर रहे है। इस मर्तबा दीप काफी महंगे है जिसके पीछे का कारण बारिश है क्योंकि इन दीपों को हम कंडे की आंच में सूखा कर बेच रहे है। कई प्रकार के आकर्षक दिये बनाये गये है। वही अन्यत्र शहरों से भी अलग अलग कलाकृति के दिये बुलाये गये है।










































