गर्मी के नरम तेवराें के साथ शुरू हुए नौतपा ने गुरुवार काे तीन शहराें में लू के साथ विदाई ली। मौसम विज्ञानियाें का कहना है कि वर्तमान में काेई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं रहने के कारण वातावरण में अपेक्षा नमी नहीं है। इस वजह से गर्मी के तेवर अभी अगले चार–पांच दिन तक तीखे ही बने रहेंगे। इस दौरान ग्वालियर, चंबल, रीवा, सागर संभागाें के जिलाें में लू के हालात बने रह सकते हैं। उधर गुरुवार काे मध्यप्रदेश में सबसे अधिक 45.6 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहाे में दर्ज किया गया। खजुराहाे, नौगांव एवं ग्वालियर में लू चली। 20 शहराें में अधिकतम तापमान 42 डिग्रीसे. से अधिक दर्ज किया गया।
मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी पीके साहा ने बताया कि नौतपा (25 मई से दाे जून) की शुरुआत में वातावरण में नमी रहने के कारण जबलपुर, रीवा, शहडाेल संभागाें के जिलाें में रुक–रुक कर बौछारें पड़ती रहीं। मंगलवार–बुधवार काे इंदौर, उज्जैन संभागाें में भी कहीं–कहीं बारिश हुई। शेष क्षेत्राें में बादल बने रहने के कारण अधिकतम तापमान में बढ़ाेतरी नहीं हाे सकी थी। वर्तमान में नमी कम रहने के कारण तापमान फिर बढ़ने लगा है।
ये मौसम प्रणालियां हैं सक्रिय
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षाेभ पाकिस्तान के पास ट्रफ के रूप में बना हुआ है। दक्षिण–पूर्वी उत्तर प्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर नागालैंड तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है।
शुक्ला के मुताबिक पश्चिमी विक्षाेभ काफी कमजाेर रहने के कारण उसका विशेष प्रभाव मप्र के मौसम पर नहीं पड़ रहा है। वातावरण में नमी कम हाेने से अब तापमान बढ़ने लगा है। शुक्ला के मुताबिक अभी सात जून तक गर्मी के तेवर तीखे बने रह सकते हैं। इस दौरान रीवा, सागर, ग्वालियर, चंबल संभागाें के जिलाें में कहीं–कहीं लू के हालत बन सकते हैं।










































