वारासिवनी(पद्मेश न्यूज)। नगर के सिविल क्लब मैदान में रविवार को नवदुर्गा उत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित लक्की ड्रा कूपन उपहार योजना के ईनाम वितरण का आयोजन किया गया। जिसमें ड्रा में निकाले सौभाग्यशाली कूपन धारक भक्तों को ईनामो के साथ नृत्य दर्पण अकेडमी के सदस्यों एवं अतिथियों को पुरूस्कार वितरण किया गया। यह कार्यक्रम पत्रकार आनंद ताम्रकार , आनंद वर्मा,गणेश ठाकुर ,अशफा खान,अनिल लिल्हारे ,सुधीर शर्मा थाना प्रभारी बिभेन्द्रू व्यंकट टांडिया के आतिथ्य, नवदुर्गा उत्सव समिति अध्यक्ष संजय सिंह कछवाह की अध्यक्षता सहित अन्य अतिथियों की उपस्थिति में कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। बीते लम्बे समय से नवदुर्गा उत्सव समिति के तत्वावधान में सौभाग्यशाली लक्की ड्रा कूपन उपहार योजना चलाई जा रही है। जिसमें लक्की ड्रा कूपन के माध्यम से लाखों के उपहार समिति के द्वारा भाग्यशाली भक्त को प्रदान किया जाता है। इसी कडी इस वर्ष मातारानी स्थापना के सफ लतम २१ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में नवदुर्गा उत्सव समिति के द्वारा लाखों के ईनाम लक्की कूपन के माध्यम से रखा गया। जिसका शरद पूर्णिमा के दिवस आयोजित इंडियन आइडियल के कलाकार साहिल सोलंकी ,सारेगामापा के फ ाईनलिस्ट फिल्मी गायिका ऐश्वर्या पंडित ,सुरभि कश्यप, अभिजीत के कार्यक्रम के बीच में कूपन ड्रा को पूर्णरूप से निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के लिए बच्चों के कार्यक्रम के अतिथियों एवं आर्केष्ट्रा के कलाकारों के हस्ते ड्रा के स्टायगर थैलियों से निकलाये गये। जिसका २० अक्टुबर को पुरूस्कार वितरण किया गया। इस अवसर पर नवदुर्गा उत्सव समिति पदाधिकारी सदस्य सहित गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
ये रही ईनामी योजना
पुरूस्कार वितरण कार्यक्रम में प्रथम इनाम ५८१४४ के भाग्यशाली विजेता मोहम्मद आरिफ शेख कटंगी ,द्वितीय इनाम ४०३०७ के भाग्यशाली विजेता राकेश कुमार खण्डवा,चतुर्थी इनाम ५०९०१ के भाग्यशाली विजेता विजय डहरवाल खडग़पुर ,पांचवा इनाम ५२०१८ के भाग्यशाली विजेता दीनदयाल राउत चंदोरी को कार्यक्रम के अतिथियोंं के हस्ते प्रदान किया गया। पुरूस्कार वितरण में कूपन के अंतिम तीन अंक ९१८ नं.के कूपन धारकों को दर्जनों सांत्वना पुरूस्कार भी वितरण किया गया। इसमें समिति की ओर से अध्यक्ष संजय सिंह कछवाह ने बताया कि जिन कूपन धारकों ने किसी कारण वश अपना पुरूस्कार प्राप्त नही किया है । वह अपने कूपन के साथ समिति के सदस्यों से सम्पर्क कर प्राप्त करें।
हमारा उद्देश्य भारतीय संस्कृति को बनाए रखना – संजयसिंह कछवाहा
नवदुर्गा उत्सव समिति अध्यक्ष संजय सिंह कछवाहा ने कहा कि माता रानी के दरबार को भव्य बनाने का कार्य कोलकाता के कलाकारों ने शानदार स्वर्ण मंदिर बनाया जो चर्चा का विषय रहा। गरबा में कलाकारों के द्वारा बेहतर परफ ॉर्मेंस दी जाती रही और शरद पूर्णिमा को एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें ऐश्वर्या पंडित जो विषम परिस्थित में वारासिवनी पहुंची उसके बाद भी कार्यक्रम को शानदार रूप से आयोजित किया गया। आयोजको की यह महेनत का पता नही चलता है किंतु २ मिनट में लोग अपना ओपिनियन दे देते हैं हमारी समिति सद्भावना का प्रतीक है। हमने इस बार गरबा में भारतीय संस्कृति को स्थापित करने का कार्य किया। पास के माध्यम से गरबा में लोगों को प्रवेश दिया गया भारतीय परिधान में प्रवेश कराया गया लडक़ों को तिलक लगाया गया। हमारा उद्देश्य किसी की भावनाओं को चोट पहुंचाना नहीं है प्रयास है संस्कृति बनाए रखना। क्योंकि गरबा मौज मस्ती का साधन नहीं होना चाहिए। बालाघाट में गरबा बंद करवा दिया गया बालाघाट से लोग वारासिवनी गरबा देखने आए तो उन्होंने कहा कि यहां शानदार गरबा होता है। कार्यक्रम सबके पसंद का रखना होता है पहले हम जागरण करते थे पर अब ९ दिन गरबा करवाते हैं एक दिन का समय मिलता है जिसमें भव्य कार्यक्रम देने का प्रयास होता है।
बडे कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकारों को भी आगे बढऩे का कार्य कर रहे है
श्री कछवाहा ने कहा कि आसपास के १० जिलों में यदि वारासिवनी का डंका बजता है तो वह कार्यक्रम कौन करता है पूछते नहीं है वारासिवनी का नवरात्र की चर्चा होती है। पुराने समय में कस्तूरचंद वर्मा के समय नवरात्र देखने के लिए लोग वारासिवनी आते थे। आज हमारी ही समिति नहीं नगर के समस्त पंडाल चाहे सम्राट नगर हो ,गांधी चौक ,अनाज मंडी, भाजी मंडी सभी ने मेहनत की है। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा ही हमारे यहां काम कर रहा है मैगा बॉलीवुड नाइट के मंच पर हमारी बच्चियों ने बहुत अच्छी प्रस्तुति दी। बड़े बड़े कलाकारों के सामने दी वह भी तारीफ करते रहे। हमारे बाहर के कलाकार आ रहे हैं तो उसके साथ हम स्थानीय कलाकारों को भी आगे बढऩे का कार्य करवा रहे हैं। हमने देखा अनुभव किया कि पूरे नवरात्र माता रानी का सदैव आशीर्वाद बना रहा । क्योंकि कई बार कार्यक्रम को लेकर व्यवस्था बिगड़ी हुई नजर आई परंतु समय रहते सभी व्यवस्था सुधरती चले गयी।










































