जिले में तमाम समझाइश, जागरुकता कार्यक्रमों के बाद भी ऑनलाइन ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। फर्जी कॉल या आरोपियों की बातों में आकर लोग अपनी जमा-पूंजी गंवा रहे हैं। ठगों का शिकार होने वाले न सिर्फ ग्रामीण अंचलों बल्कि शहरी क्षेत्रों से भी हैं। गुरुवार को कोतवाली स्थित साइबर नोडल शाखा में दो अलग-अलग मामलों में पीडि़तों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसकी जांच शुरू कर दी गई है।
साइबर नोडल शाखा में पदस्थ महिला आरक्षक चांदनी शांडिल्य ने बताया कि जिला मुख्यालय से महज 15 किमी दूर ग्राम केरा निवासी एक पीडि़त ने ब्लैकमेलिंग के नाम पर साढ़े 21 हजार रुपए गंवाने की शिकायत दर्ज कराई है। ग्राम केरा निवासी विनोद कुमार चौरे अपने पिता चुन्नीलाल चौरे के साथ गुरुवार को अपनी शिकायत लेकर साइबर शाखा पहुंचे। विनोद कुमार ने बताया कि वह भिलाई में एक कुरियर कंपनी में काम करता है और उसकी पत्नी और बच्चे ग्राम केरा में रहते हैं। 10 जनवरी की रात उसे वॉट्सएप पर एक वीडियो कॉल आया। कॉल कटने के बाद उसे 11 जनवरी को शाम 4 बजे एक फोन कॉल आया, जिसमें एक शख्स ने उसे बताया कि उसका एक अश्लील वीडियो यूट्यूब पर अपलोड है। तत्काल उसे हटवाएं वरना आपके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उस शख्स ने विनोद को ये कहकर एक अन्य फोन नंबर दिया कि ये यूट्यूब के एक अफसर का नंबर है। विनोद ने उस नंबर पर कॉल किया तो उसे बताया कि सरकारी नियमों के तहत उसे वीडियो हटाने के लिए 21500 रुपए की राशि जमा करनी होगी। विनोद घबरा गया और पैसों का बंदोबस्त करने भिलाई से रातों-रात अपने गांव केरा पहुंचा। विनोद ने अपने पिता को सारी बात बताई। विनोद और उसके पिता को इस राशि के लिए अपने रिश्तेदारों-परिचितों से कर्ज लेना पड़ा। आरोपी द्वारा दिए गए बैंक खाते में 21,500 रुपए डालने के बाद विनोद को दोबारा एक और कॉल आया, जिसमें उसे बताया कि यूट्यूब पर उसके दो और अश्लील वीडियो अपलोड हैं, जिन्हें हटाने के लिए उसे 43,000 हजार रुपए और जमा करने होंगे। इसके लिए विनोद को दूसरा बैंक खाता नंबर दिया गया। जब विनोद उसे खाते में पैसे जमा करने गए तो बैंक वालों ने उसे पैसा जमा करने से मना कर दिया। विनोद समझ गया कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है, जिसकी शिकायत उन्होंने साइबर शाखा में की है।
ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़े एक अन्य मामले में एक ब्यूटी पार्लर संचालिका जालसाजों के झांसे में आ गई। महिला आरक्षक चांदनी शांडिल्य ने बताया कि शहर में संचालित एक ब्यूटी पार्लर संचालिका को दो दिन पहले एक कॉल आया था, जिसमें कॉलर ने महिला को खुद को सीआरपीएफ का जवान बताया। उसे कॉलर ने महिला से कहा कि उसके सीआरपीएफ कैंप में एक कार्यक्रम होना है, जिसमें शामिल होने वाली महिलाओं के मेकअप के लिए आपका ब्यूटी पार्लर बुक करना है। कॉलर ने महिला से एडवांस में मेकअप का बिल जमा करने के लिए फोन-पे की एक लिंक भेजी। महिला ने लिंक पर क्लिक करते ही यूपीआई पिन डाल दी। दो बार में महिला के बैंक खाते से करीब 12 हजार रुपए पार हो गए। पीडि़ता की शिकायत पर साइबर नोडल शाखा ने संबंधित बैंक से संपर्क कर बैंक खाते को ब्लॉक करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, इस संबंध में कोतवाली थाना प्रभारी कमल सिंह गेहलोत ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे अनजान लिंक या फर्जी कॉलर के बहकावे में न आएं और ऐसे कॉल पर प्रतिक्रिया न दें।










































