करीब दो महीने पहले पुलिस मुख्यालय से मिले निर्देश पर जिला पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करके अवैध शराब की ब्रिकी पर रोक लगाया था, लेकिन अभी भी जिले के ऐसे कई गांव हैं, जहां बेधड़क कच्ची शराब बेची जा रही है। हैरानी की बात है कि जब स्थानीय लोगों द्वारा इसका विरोध किया जाता है या शराब बेचने वालों को समझाइश दी जाती है, तो उन्हें बदले में जान से मारने की धमकी मिल रही हैै। मामला लांजी थाना क्षेत्र के गांव मोहझरी का है, जहां के ग्रामीणों ने 27 दिसंबर को कलेक्ट्रेट पहुंचकर मोहझरी में चल रहे कच्ची शराब के धंधे को रोकने और शराब माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग रखी।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के कई घरों में लंबे समय से चोरी-छिपे शराब बेची जा रही है। स्कूल जाने वाले बच्चे शराब के नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। बच्चे स्कूल जाने के बजाय इन घरों में बैठे रहते हैं। इसके अलावा गांव की शांति भी भंग हो रही है। इस समस्या को देखते हुए 2 अक्टूबर 2022 को जिला पंचायत सदस्य ज्योति उमरे की अध्यक्षता में नशा हटाओ-बेटी बचाओ अभियान के तहत अन्नपूर्णा नशा मुक्ति समिति बनाई गई थी। इस समिति में गांव की महिलाएं शामिल हैं। महिलाओं ने कुछ दिन पूर्व विशाल रैली निकालकर शराब बेचने वालों के घर-घर जाकर कारोबार बंद करने की समझाइश दी थी, लेकिन शराब की अवैध बिक्री जारी है। महिलाओं ने बताया कि शराब बेचने वाले दरवाजा और पर्दे की आड़ में अवैध कारोबार कर रहे हैं। जब वे इसका विरोध करती हैं, तो उन्हें जिंदा जलाने और चोरी का इल्जाम लगाने की धमकी देते हैं। बताया गया कि ग्रामीणों द्वारा इससे पहले भी गांव में शराब की अवैध बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई थी, लेकिन इस मांग पर आज तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी।










































