लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश शिवलाल केवट की अदालत ने नाबालिग लड़की का अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप में आरोपी श्रीराम पिता गोविंदराम उरकड़े उम्र 28 वर्ष ग्राम अर्जुनी निवासी को दोषी पाते हुए उसे धारा 363 भादवि के अंतर्गत 4 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा एवं 100 रुपये अर्थदण्ड ,धारा 366 ए भादवि के अंतर्गत 6 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 100 रुपये अर्थदण्ड ,धारा 376 ( 3 ) भादवि के अंतर्गत 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 100 रुपये अर्थदण्ड , धारा 5 ( ठ ) , 6 पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 200 रुपये अर्थदण्ड से दंडित किये । उक्त अर्थदण्ड अदा नही करने की स्थिति में उसे 1-1 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतने का आदेश पारित किये है ।
सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी / मीडिया प्रभारी विमल सिंह ने घटना के संबंध में जानकारी देते हुये बताया पीड़िता उसके माता – पिता व छोटे भाई के साथ ग्राम हेटी ( पुलपट्टा ) में रहती थी । वर्ष 2019 में एक वर्ष पहले वह उसके रिश्ते के जीजा के घर ग्राम बम्हनी ( बोनकट्टा ) गई थी । वहाँ श्री राम से परिचय हुआ उससे बातचीत होने लगी श्री राम उससे विवाह करने को कहता था । पीड़िता दिनांक 25 मार्च.2019 को उसके माता , पिता के साथ बड़े पिताजी के पुत्र की बारात में ग्राम सिगोंडी गई थी । वहां श्री राम भी आया था । उसने उससे कहा कि उसके साथ शादी करेगा और उसे नागपुर ले गया । जहां शिव मंदिर में विवाह किया । श्रीराम पीडिता को आई.टी. पार्क स्थित झोपड़ी में ले जाकर रखा । दोनों पति – पत्नी की तरह रहने लगे और श्री राम ने पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध स्थापित किया । उक्त घटना के संबंध में थाना रामपायली में अपराध पंजीबद्ध किया गया । आरोपी के विरूध्द अपराध पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया । विवेचना के उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया । माननीय न्यायालय ने विचारण उपरांत मामले की समस्त परिस्थिति को देखते हुए अपने विवेचन निष्कर्ष और उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर आरोपी श्रीराम को नाबालिग लड़की का अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप में दोषी पाते हुये उसे उपरोक्त दण्ड से दण्डित किये ।अभियोजन की ओर से पैरवी शशिकांत पाटिल विशेष लोक अभियोजन अधिकारी द्वारा की गई ।










































