नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी मिलेगी जेड प्लस सुरक्षा, DGP ने जारी किया आदेश

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  • Nitish Kumar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जाएगी। गृह विभाग की अनुशंसा पर इस संबंध में 30 मार्च को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने आदेश जारी किया है। विभाग की ओर से भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि नीतीश कुमार को बिहार विशेष सुरक्षा अधिनियम, 2000 के प्रावधानों के अंतर्गत सुरक्षा दी जाएगी।
  • नीतीश के राज्यसभा जाने का उल्लेख किया
  • गृह विभाग द्वारा जारी पत्र में नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने का भी उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि मुख्यमंत्री राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं और जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर समीक्षा की गई और उन्हें जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा देने का निर्णय लिया गया।
  • जेड प्लस सुरक्षा भी उपलब्ध कराई जाएगी
  • सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में नीतीश कुमार को विशेष सुरक्षा समूह (एसएसजी) की सुरक्षा प्राप्त है। पद छोड़ने के बाद भी यह सुरक्षा घेरा बरकरार रहेगा और इसके साथ केंद्र स्तर की जेड प्लस सुरक्षा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उनका सुरक्षा कवच और मजबूत होगा। यह व्यवस्था राजनीतिक परिवर्तनों के बीच नीतीश कुमार की सुरक्षा को लेकर उठ रही चिंताओं के मद्देनजर की गई है। जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों को दी जाती है, जिसमें एनएसजी, सीआरपीएफ और अन्य केंद्रीय बलों के प्रशिक्षित कमांडो शामिल होते हैं।
  • पिता की कार्यशैली की निशांत ने की सराहाना
  • नीतीश के बेटे और जदयू नेता निशांत कुमार ने बुधवार को पिता के कामकाज और नेतृत्व शैली की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें उस महान व्यक्ति का पुत्र होने पर गर्व है, जिसने कभी बदहाल माने जाने वाले बिहार को विकास की नई दिशा दी। पिछले महीने जदयू की सदस्यता लेने वाले निशांत ने कहा कि उनके पिता ने ऐसे समय में राज्य की बागडोर संभाली थी, जब बिहार विकास और बुनियादी सुविधाओं के मामले में काफी पीछे था।
  • ‘कुमार ने राज्य की तस्वीर बदल दी’
  • निशांत ने कहा कि लेकिन अपने संकल्प, दूरदर्शिता और मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर कुमार ने राज्य की तस्वीर बदल दी। निशांत के अनुसार, कभी अंधेरे में डूबे रहने वाले गांवों तक बिजली पहुंचाना, जर्जर स्कूलों को नए भवन देना और सड़क-विहीन गांवों तक सड़कें पहुंचाना आसान काम नहीं था, लेकिन उनके पिता ने इसे संभव कर दिखाया।

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