न्यायालयों में महावीर जयंती के अवकाश को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। न्यायालयों में महावीर जयंती का अवकाश सोमवार को रहेगा या मंगलवार को, यह वकीलों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इंदौर अभिभाषक संघ ने मप्र उच्च न्यायालय और जिला एवं सत्र न्यायालयों के लिए 3 अप्रैल को अवकाश घोषित करने की मांग की है।
इंदौर अभिभाषक संघ के अध्यक्ष गोपाल कचोलिया ने बताया कि मप्र शासन ने जैन समुदाय की मांग पर महावीर जयंती के उपलक्ष्य में सोमवार 3 अप्रैल को अवकाश घोषित किया है। पहले महावीर जयंती का अवकाश 4 अप्रैल को था, जिसे निरस्त कर दिया है। मप्र उच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय की सभी पीठ और प्रदेश के सभी जिला एवं सत्र न्यायालय और अन्य न्यायालयों के लिए महावीर जयंती का अवकाश 4 अप्रैल का घोषित किया हुआ है। इसमें अब तक कोई बदलाव नहीं किया गया है। 3 अप्रैल को महावीर जयंती मनाई जाएगी, लेकिन न्यायालयों में अवकाश नहीं होने से वकीलों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
मुख्य न्यायाधिपति से की मांग
कचोलिया ने मप्र उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति को प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश इंदौर के माध्यम से एक ज्ञापन प्रेषित किया है। इसमें मांग की गई है कि प्रदेश के उच्च न्यायालय और सभी जिला एवं सत्र न्यायालयों में महावीर जयंती का अवकाश सोमवार 3 अप्रैल का ही घोषित किया जाए।
किसी शनिवार को कार्यदिवस घोषित किया जाए
वकीलों का यह भी कहना है कि 3 अप्रैल सोमवार को न्यायालयों में अवकाश घोषित कर इस अवकाश के बदले किसी शनिवार को कार्यदिवस घोषित किया जाए। इससे काम का हर्जाना भी नहीं होगा और वकील परिवार के साथ महावीर जयंती भी मना सकेंगे। कचोलिया ने बताया कि न्यायाधीश ने इस प्रस्ताव पर सद्भावनापूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया है। पूर्व में भी इस तरह से अवकाश समायोजित किए जाते रहे हैं।










































