जिले की ग्राम पंचायतों में कार्यरत भृत्य और पंप ऑपरेटरों के द्वारा न्यूनतम वेतनमान और शासकीय कर्मचारी का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर ग्राम पंचायत कर्मचारी संगठन के बैनर तले भारतीय मजदूर संघ कार्यालय में रविवार को बैठक आहूत की गई ।जहां बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि अगर सरकार जल्द से जल्द उनकी मांगों पर अमल नहीं किया जाता है तो आगामी दिवस भोपाल पहुंचकर मंत्री के बंगले में धरना प्रदर्शन करेंगे। वही इस संबंध में पदाधिकारियों ने कहा है कि लंबे समय से भ्रत्य एवं पंप ऑपरेटर को महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के ग्राम पंचायत भृत्त्य, पंप ऑपरेटर ,कांजी हाउस मोहरीर को न्यूनतम वेतनमान, शासकीय कर्मचारी का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर आवेदन निवेदन यह धरना प्रदर्शन जिला स्तर पर किया जा रहा है लेकिन सरकार के द्वारा उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं की जा रही है जिसके चलते भ्रत्य एवं पंप ऑपरेटरों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
वही इस संबंध में जानकारी देते हुए ग्राम पंचायत भृत्त्य, पंप ऑपरेटर संघ के जिलाध्यक्ष बद्रीप्रसाद डहारे ने जानकारी देते हुए बताया है कि मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी जिसको लेकर जिला कलेक्टर को आदेश भी जारी कर दिए गए हैं लेकिन बालाघाट में जिला कलेक्टर के द्वारा कोर्ट के आदेश की भी अवहेलना की जा रही है और किसी प्रकार का कोई आदेश नहीं निकाला गया है जिसको लेकर सभी में आक्रोश देखने को मिल रहा है वही यह बैठक आहूत की गई जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि आगामी दिवस भोपाल में मंत्री के बंगले में पहुंचकर धरना प्रदर्शन एवं आंदोलन किया जाएगा जिसकी जवाबदारी सरकार की होगी। वही यशवंतराव गेडाम ने बताया की मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य के समान पंचायत में कार्यरत भृत्त, पंप ऑपरेटर और कांजी हाउस मोहरीर न्यूनतम वेतनमान शासकीय कर्मचारी का दर्जा दिया गया है। हमारे द्वारा भी मध्यप्रदेश शासन से लंबे समय से ग्रामपंचायत कर्मचारी संगठन के बैनर तले सरकार को मांग मनवाने के लिए प्रयास किया जा रहा है लेकिन सरकार इस ओर किसी प्रकार का कोई ध्यान नहीं दिया दे रही है ग्राम पंचायत एक स्वयंसेवी संस्था जैसी है जहां पर जो पंचायत की आय होती है उसी में कर्मचारियों को पैसा मिलता है लेकिन इतने वर्षों में 15 सौ रुपए, 2 हजार रुपए एवं 25 सौ रुपए में ही कार्य कर रहे हैं बढ़ती महंगाई में इतने कम वेतन में परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है साथ ही घर की आर्थिक स्थिति भी डामाडोल हो गई है जिससे कि बच्चों की पढ़ाई पर भी असर देखने को मिल रहा है सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए और हमको सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिलना चाहिए अगर सरकार जल्द से जल्द इस ओर कोई ठोस एवं कड़े कदम नहीं उठाती है तो मजबूरन ग्राम पंचायत कर्मचारी संगठन भोपाल पहुंचकर धरना प्रदर्शन एवं आंदोलन करने को मजबूर होगा। बैठक में धीरजलाल मानेश्वर, महासिंह मरकाम, पलटन पंचेश्वर, आसाराम पंचेश्वर, रंगलाल हटटेवार, संदीप करसरपे, राजकुमार विट्ठले, हेमराज नेवारे, विजय साकरे, प्रवीण नाग, राजकुमार सोनवाने, सावन कुमार गौतम, लक्ष्मण उईके, रविंद्र कुमार, सावन चौहान सहित अन्य पदाधिकारी गण उपस्थित थे।










































