पिछले दिनों जारी किए गए रिजल्ट का पुनः मूल्यांकन करेगी छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी।

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छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय द्वारा देरी से जारी किए गए परीक्षा परिणाम संतोषजनक ना होने के चलते जहां एक ओर ओबीसी महासभा के बैनर तले गुरुवार को बसों में भरकर छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय का घेराव करने के लिए रवाना हुए तो वहीं दूसरी ओर आनन-फानन में विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा एक आदेश जारी कर परीक्षा परिणामों का पुन: मूल्यांकन किए जाने की बात कही गई है. जहां छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय प्रबंधन ने आयुष मंत्री रामकिशोर कावरे द्वारा लिखे गए पत्र के जवाब में नियमानुसार उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन किए जाने का पत्र भेजा है।जहा विश्वविद्यालय प्रबंधन के इस फैसले पर पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों ने खुशी जताई है

हालांकि छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए गए इस पत्र में स्पष्टीकरण की कमी देखी जा रही है ।जहां विश्वविद्यालय प्रबंधन ने नियमानुसार उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन का कार्य संपादित किए जाने की बात कही है। लेकिन इस पत्र में अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कापियों का मूल्यांकन निशुल्क रहेगा या फिर प्रत्येक कॉपी के मूल्यांकन के लिए विद्यार्थियों को आवेदन करने के साथ साथ आवेदन और कापियो का मूल्यांकन शुल्क भी जमा करना होगा?.क्योंकि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने नियमानुसार उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की बात लिखी गई है,जबकि नियम के मुताबिक बिना शुल्क जमा किए कॉपियों का मूल्यांकन नहीं किया जाता। अब देखना दिलचस्प रहेगा कि विश्वविद्यालय प्रबंधन कॉपियों का मूल्यांकन निशुल्क करता है, या फिर कापियों के मूल्यांकन के लिए विद्यार्थियों से शुल्क वसूला जाता है।

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