प्रतिवर्ष लाखों रुपए का टैक्स वसूलने वाली नगर पालिका इन दिनों आर्थिक संकट से जूझ रही है जिसके चलते जहां एक ओर नगर पालिका के विभिन्न विकास कार्य ढप पड़े हुए हैं तो वहीं दूसरी ओर विकास कार्य में सहयोग करने वाले ठेकेदारों का पेमेंट भी नगरपालिका नहीं कर पा रही है हालात कुछ इस कदर बिगड़ चुके हैं कि नगरपालिका अपने कर्मचारियों का मानदेय तक नहीं निकाल पा रही है ऐसे में बकाया पेमेंट के लिए रोजाना ही लोग सीएमओ कार्यालय के चक्कर काट काट रहे हैं लेकिन उन्हें आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिल रहा है।
ताजा मामला 8 माह पुराना बताया जा रहा है जहां बरसात के दिनों में नगर पालिका ने नगर की विभिन्न नालियों और नालों की साफ सफाई करने और पानी निकासी के इंतजाम बनाने के लिए जेसीबी मशीन किराए पर ली थी। जिसका पूर्ण भुगतान अब तक नगर पालिका द्वारा नहीं किया गया है जिसके चलते नगरपालिका को किराए पर जेसीबी देने वाले जेसीबी मालिक रोजाना ही नगरपालिका कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं वही करीब 8 माह पूर्व नगरपालिका में जेसीबी मशीन किराए पर देने वाले जेसीबी मालिक ने नपा पहुंचकर प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त की है जिन्होंने चर्चा के दौरान बताया कि नगरपालिका ने कुछ दिन पूर्व ही 1 माह तक चली जेसीबी मशीन का किराया दिया है जबकि शेष बचे 1 लाख रु के लिए नगर पालिका उनसे रोजाना चक्कर लगवा रही है ।उन्होंने बताया कि यदि उन्हें समय पर पैसा नहीं मिल पाया तो किस्तो में खरीदी गई जेसीबी मशीन खींचकर कंपनी चली जाएगी और उन्हें भारी नुकसान हो जाएगा
वही मामले को लेकर दूरभाष पर की गई चर्चा के दौरान मुख्य नगरपालिका अधिकारी सतीश मटसेनिया ने नगरपालिका की वित्तीय स्थिति कमजोर होने का हवाला देते हुए स्थिति में सुधर आते ही सभी बकाया बिलो का भुगतान किए जाने की बात कही है।










































