शासकीय सेवा में अपनी जिंदगी बिताने के बाद सेवा निवृत हुए कर्मचारी का एकमात्र सहारा उसे शासन द्वारा दी जाने वाली पेंशन होती है। जहां सेवा निवृत कर्मचारी पेंशन के रूप में मिलने वाली राशि से स्वयं अपने और अपने परिजनों के खर्चे चलाते हैं। लेकिन सिस्टम की कमजोरी के चलते ऐसे कई शासकीय कर्मचारी हैं जिन्हें सेवा निवृत होने के बाद भी पेंशन का लाभ नहीं मिल पाता या फिर कार्य में लापरवाही के चलते उन्हें देरी से पेंशन मिलती है।जहां पेंशन पाने के लिए अक्सर सेवानिवृत्त कर्मचारी शासकीय कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हो जाते हैं। एक ऐसा ही मामला शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय के समीप देखा गया। जहां पेंशन के लिए पिछले 1 वर्ष से आवेदन निवेदन करने के बाद भी सेवानिवृत होने पर पेंशन शुरू नहीं हुई तो स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत हुए कर्मचारी अभय कुमार द्विवेदी ने 5 जनवरी शुक्रवार से आनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक उन्हें पेंशन मिलनी शुरू नहीं हो जाती तब तक उनका यह धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार अजय कुमार द्विवेदी की स्वास्थ्य विभाग में नियुक्ति 1988 में हुई थी। वे हाल ही नवंबर माह में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालबर्रा में अपनी अंतिम सेवाएं देकर सेवा निवृत हो गए। लेकिन सेवानिवृत्ति के उपरांत भी उनकी पेंशन का प्रकरण विभाग द्वारा नहीं बनाया गया। जिसके चलते उन्हें पेंशन नहीं मिल पा रही है। जहां कई बार आवेदन निवेदन करने के बाद भी पेंशन शुरू न होने पर उन्होंने 5 जनवरी शुक्रवार से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।
क्या कहता है नियम
बात अगर नियम की करें तो शासन के निर्देशानुसार किसी भी कर्मचारी के सेवानिवृत होने के 1 वर्ष पूर्व से ही उसका सर्विस रिकॉर्ड तैयार कर, 1 वर्ष पूर्व ही पेंशन का प्रकरण बनाने का नियम बनाया गया है। ताकि कर्मचारियों के सेवानिवृत होने के बाद से ही उन्हें पेंशन का लाभ मिल सके। बताया जा रहा है कि अभय कुमार द्विवेदी के पेंशन प्रकरण की प्रक्रिया विभाग द्वारा समय रहते शुरू नहीं की गई। जब उन्होंने विभागीय अधिकारियों को आवेदन निवेदन किया तब कहीं जाकर उनके पेंशन की प्रक्रिया शुरू की गई, जो अब तक पूरी नहीं हो पाई है ।जहां पेंशन प्रक्रिया अधूरी होने के चलते उन्हें पेंशन की मंजूरी नहीं मिल पाई जिससे वे जनवरी माह से मिलने वाली पेंशन से वंचित हो गए। जिसके विरोध में सेवानिवृत्त कर्मचारी अजय कुमार द्विवेदी ने 5 जनवरी से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।









































