प्रदेशभर के ५ लाख पेंशनर्स की लंबित मांगों का निराकरण नही होने से पेंशनर्स में शासन-प्रशासन के प्रति आक्रोश व्याप्त है और अपनी जायज मांगों को पूरा करवाने की मांग को लेकर प्रदेशभर के प्रोगेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन के द्वारा अपने-अपने विकासखण्डों में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर लंबित मांगों को पूरा किये जाने की मांग की है। इसी कड़ी में प्रोगेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन लालबर्रा के बैनर तले पेशनर्स २४ जुलाई को तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ९ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपकर मांगों को जल्द पूरा किये जाने की मांग की है एवं मांगे पूरी नही होने पर आंदोलन करने की भी शासन-प्रशासन को चेतावनी दी है। आपकों बता दे कि प्रदेशभर के पेेंशनर्स को ४६ प्रतिशत की दर पर महंगाई दी जा रही है जबकि केन्द्र सरकार एवं अन्य बहुत से राज्यों के पेंशनर्स को ५० प्रतिशत की दर से महंगाई राहत दी जा रही है उसी तरह म.प्र. के पेंशनर्स को दिये जाने की मांग लंबे समय से प्रदेश सरकार से की जा रही है परन्तु प्रदेश सरकार के द्वारा सिर्फ ४६ प्रतिशत की दर से महंगाई दी जा रही है इसलिए ४ प्रतिशत महंगाई राहत शीर्ष स्वीकृत किये जाने, मध्यप्रदेश/छत्तीसगढ़ की धारा ४९ अविलंब समाप्त कर केन्द्रीय तिथि से ही महंगाई राहत दिये जाने, पेंशनर्स के लिए आयुष्मान स्वस्थ्य योजना एवं स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने, छटवें एवं सातवे वेतनमान के एरियर्स का भुगतान किये जाने एवं समस्त शिक्षकों के अर्जित अवकाश के नगदीकरण कर भुगतान किये जाने सहित अन्य मांगों को लेकर लड़ाई लड़ते आ रहे है परन्तु म.प्र. सरकार उसे पूरा नही कर रही है। जिसके कारण म.प्र. के ५ लाख पेंशनर्सों में सरकार के प्रति आक्रोश व्याप्त है और अपनी लंबित मांगों को पूरा करवाने के लिए प्रोगेसिव पेंनशर्स एसोसिएशन लालबर्रा के द्वारा २४ जुलाई को तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर ९ सूत्रीय मांगों को जल्द पूरा किये जाने की मांग की है।










































