पैसों के बलबूते पर फर्जी मार्कशीट बनाकर डाक विभाग में नौकरी पाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए कोतवाली पुलिस ने मामले से जुड़े पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनसे फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरहों को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस की गिरफ्त में आए 5 में से 4 आरोपी बिहार राज्य के बताए जा रहे हैं जबकि गिरफ्तार आरोपियों में एक आरोपी राजस्थान से है। जहां कोतवाली पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भादवि 1860 की धारा 468, 471 और 120 (बी) के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की है। जिनसे फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह को लेकर लगातार पूछताछ जारी है ।
आपको बताए की गिरफ्त में आए सभी आरोपियों ने सीबीएसई पेटर्न की कक्षा 10वीं और 12वीं की मार्कशीट बनाई थी और उसी फर्जी मार्कशीट के आधार पर बालाघाट संभाग से निकाली गई डाकपाल और सहायक शाखा डाकपाल के पद पर नौकरी हासिल की थी। जहां 5 में से 4 आरोपियों ने विभिन्न जगहों पर नौकरी ज्वाइन कर दो महा का पेमेंट भी उठा लिया था। वहीं आरोपी डाक विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे ।जहां वेरिफिकेशन के लिए भेजी गई ओरिजिनल मार्कशीट में उनके द्वारा फर्जीवाड़े किए जाने का खुलासा हुआ है। जहां फर्जी मार्कशीट का खुलासा होते ही डाकघर संभाग बालाघाट संभाग सहायक अधीक्षक अनिल शर्मा की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है
फर्जी मार्कशीट के बलबूते पर डाक विभाग में शासकीय नौकरी पाने वाले इस मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।जिसमें राजस्थान करौती, के कुडगांव निवासी मनीष कुमार पिता मंटूलाल मीना, बिहार पटना के ग्राम डुमनिया के चंदन कुमार पिता रामयतन यादव, बिहार नालंदा, ग्राम थरथरी के शिव शंकर पिता भीम यादव ,बिहार सीवान ग्राम सहसराव के रंजीत पिता कैलाश परित और बिहार सीवान के रोहित कुमार पिता अमरेश यादव के नाम का समावेश है।जिनके खिलाफ पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है। जहां गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरहों और उनके अन्य साथियों को लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है










































