मौसम के बदलते मिजाज के कारण मौसमी बीमारी का प्रकोप बढ़ गया है। जिसमे खासकर बच्चे विभिन्न प्रकार की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। लगातार बदलते मौसम के कारण बच्चों में खांसी, सर्दी, बुखार, आंत संबंधी रोग तेजी से फैल रहा है.जिसका सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों में देखने को मिल रहा है जहां नगर के विभिन्न स्कूलों में अध्ययन करने वाले बच्चे रोजाना बीमार हो रहे हैं.अन्य स्कूलों की तरह बालाघाट इंग्लिश हायर सेकेंडरी स्कूल के बच्चे भी इस मौसमी बीमारी के प्रकोप से अछूते नहीं है. जहां पिछले 1 सप्ताह से 30 से 40 बच्चे रोजाना बीमार हो रहे हैं वहीं आज वहीं अन्य स्कूलों के भी यही हाल है.मौसमी बीमारियों के प्रकोप के चलते नगर के जिला अस्पताल सहित निजी अस्पतालों व क्लिनिको की ओपीडी मरीज बच्चों से भरी है, तो वही जिले के तमाम निजी व सरकारी अस्पतालो मे बीमार बच्चों की लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही है. मौसम परिवर्तन के कारण बच्चों में तेजी से फैल रहे इन्फेक्शन से बचने के लिए स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों के अभिभावकों ने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य प्रशासन, और स्कुल प्रबंधन से स्कूल में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाने की मांग की है. तो वही स्कुल प्रबंधन भी स्वीकार रहा हैं की पिछले 1सप्ताह से रोजाना 30-40 बच्चे बीमार हो रहे हैं।
जल जनित संक्रमण से बढ़ रहा बीमारियों का प्रकोप
बताया जा रहा हैं की मौसमी बीमारियों मे खासकर जल जनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है ऐसे में बीमारियां बच्चों को जल्द चपेट में ले लेती हैं। ऐसे में बदलते मौसम के दौरान जल जनित बीमारियों को लेकर बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत है। इन दिनों बड़ी संख्या में पांच वर्ष तक के बच्चे पीलिया, वायरल बुखार, टाइफाइड, पेट की खराबी, डायरिया जैसी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। बच्चों के साथ बड़ों को भी बीमारियां घेर रही हैं.जिनसे बचने की सलाह देते हुए जिला अस्पताल आरएमओ डॉ अरुण लांजेवार ने बच्चों को उबालकर पानी पिलाने और पानी में कलोरीन गोली का उपयोग करने की सलाह दी है।
स्कूल में स्वास्थ्य शिविर लगाना चाहिए- सत्येंद्र श्रीवास
इस पूरे मामले को लेकर की गई चर्चा के दौरान बालाघाट इंग्लिश हाई सेकेंडरी स्कूल में पढऩे वाले एक बच्चे के अभिभावक बूढ़ी निवासी सत्येंद्र श्रीवास ने बताया कि वायरल फीवर सभी जगह चल रहा है बच्चों को इससे बहुत ज्यादा दिक्कत हो रही है. उनका बच्चा भी 1 सप्ताह पहले इसी फीवर के चलते बीमार हो गया था.हमारी मांग है कि जिला प्रशासन, जिला स्वास्थ्य प्रशासन और स्कूल प्रबंधन ने स्कूल में स्वास्थ्य शिविर लगाना चाहिए ताकि प्रत्येक बच्चे की स्वास्थ्य संबंधी जांच की जा सके क्योंकि यह वायरल एक बच्चे से दूसरे बच्चे में फैल रहा है।
रोजाना 30 से 40 बच्चे हो रहे बीमार -मंजूलता डोलारे
वही मामले को लेकर की गई चर्चा के दौरान बालाघाट इंग्लिश हाई सेकेंडरी स्कूल की प्राचार्या मंजूलता डोलारे ने बताया कि यह वायरल हर जगह फैल रहा है. कुछ बच्चे बाहर से इनफेक्ट होकर आ रहे हैं.वही वायरल एक बच्चे से दूसरे बच्चे में फैल रहा है. हमारी स्कूल में पिछले 1 सप्ताह से रोजाना 30 से 40 बच्चे बीमार हो रहे हैं. कुछ बच्चे दो-तीन दिन में ठीक हो जाते हैं तो कुछ बच्चों को ठीक होने में समय लगता है.यह वायरल हर जगह है सिर्फ हमारे स्कूल में ही नहीं है. जो बच्चे संक्रमित होते हैं हम उनकी जानकारी उनके अभिभावकों को देकर उन्हें स्कूल बुलाकर बच्चों को घर भेज देते हैं. ताकि दूसरे बच्चे संक्रमित ना हो सके.उन्होंने आगे बताया कि स्कूल में फिल्टर वाला पानी बच्चों को दिया जाता है.साफ सफाई की भी प्रॉपर व्यवस्था है. कई बार हम खुद बच्चों को डॉक्टर के पास ले जाते हैं तो कई बार उनके अभिभावकों को बुलाया जाता है क्योंकि हम इस मामले में किसी प्रकार का रिस्क लेना नहीं चाहते।
उबला पानी पिए, क्लोरीन टेबलेट का उपयोग करे -डॉ लांजेवार
वही मामले को लेकर की गई चर्चा के दौरान जिला अस्पताल आरएमओ डॉ अरुण लांजेवार ने बताया कि बरसाती मौसम चल रहा है इसमें पानी गंदा हो जाता है. इसके लिए क्लोरीन टेबलेट को पानी की टंकी में डालकर उस टंकी के पानी का उपयोग करना चाहिए. ताकि वह टेबलेट पानी के संक्रमण को नष्ट कर सके.उन्होंने आगे बताया कि गंदा पानी पीने से संक्रमण फैलता है. खासकर बच्चे जल्दी संक्रमित हो जाते हैं और उन्हें बुखार, उल्टी,पेट दर्द, दस्त, डायरिया सहित अन्य समस्याएं होती हैं.इनसे बचने के लिए पानी को उबालकर उपयोग में लाना चाहिए.हमारे अस्पताल में 25 से 30 बच्चे रोजाना इसी समस्या को लेकर भर्ती हो रहे हैं. वही ओपीडी में भी इन्हीं शिकायतों को लेकर बच्चे लगातार आ रहे हैं।









































