जिले में डबल मनी वाले मामले में पुलिस ने 11 से 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रव की है, तो वहीं दूसरी ओर डबल मनी का यह मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जहां इस मामले को लेकर आए दिनों पुलिस और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर आरोप लग रहे हैं जहां अब तक इस मामले में निवेशकों की रकम उन्हें नहीं मिल पाई है तो वहीं दूसरी ओर प्रशासन अब तक यह तय नहीं कर पाया है कि जिले सहित अन्य राज्यों से कितने निवेशकों ने कितने रुपए का निवेश किया था।जहां निदेशकों को उनकी रकम लौटाने की बात तो कही जा रही है लेकिन यह रकम कब लौटाई जाएगी इसकी कोई जानकारी नहीं है। जिले के बहुचर्चित डबल मनी मामले में कार्यवाही देरी से करने का आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी जिला अध्यक्ष महेश सहारे ने इस पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग की है। जहां उन्होंने राष्ट्रीय पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर इस मुद्दे को दिल्ली में उठाए जाने की बात कही है।यह तमाम जानकारी सपा जिला अध्यक्ष महेश सहारे ने एक निजी स्थल पर आयोजित पत्रकार वार्ता में दी जिन्होंने प्रशासन की देरी के कारण लोगों के करोड़ों रुपए गंवाने का आरोप लगाया है।जहां उन्होंने मामले की सीबीआई जांच कर जल्द से जल्द निवेशकों के पैसे लौटाए जाने की पहल करने की बात कही है
प्रशासन ने मामले की जानकारी होने के बाद भी 9 माह बाद की कार्यवाही
आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि जिले के बहुचर्चित डबल मनी मामले में सही समय पर जांच हो जाती तो लोगों को हजारो करोड़ो रूपये की ठगी से बचाया जा सकता था। उन्होंने बताया कि इस मामले में क्षेत्रीय विधायक सुश्री हीना कावरे द्वारा विधानसभा में ध्यानाकर्षण डबल मनी मुद्दे को उठाया गया था। जिसका फायदा डबल मनी वालों को मिला। चूंकि ध्यानाकर्षण सूचना के बाद प्रशासन और पुलिस की जांच होने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं होने से निवेशकर्ताआंे का विश्वास डबल मनी कर रहे लोगों पर बढ़ा और उन्होंने कर्ज, लोन और अपनी संपत्तियों को बेचकर डबल मनी वालों के पास राशि निवेश किया है । उन्होंने बताया कि विधायक सुश्री हीना कावरे द्वारा 23 मार्च 2021 को विधानसभा के ध्यानाकर्षण में इस बात का मुद्दा उठाया गया। जिसके बाद 9 अप्रैल 2021 को डबल मनी मामले को मध्यप्रदेश विधानसभा ने संज्ञान में लिया।6 जून 2021 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय बालाघाट को पत्र प्रेषित किया गया। 10 मार्च 2022 को मध्यप्रदेश विधानसभा द्वारा एक और पत्र उपायुक्त सहकारिता विभाग बालाघाट को प्रेषित किया गया। जिसमें कलेक्टर बालाघाट और पुलिस अधीक्षक बालाघाट से संपर्क कर विधानसभा को जानकारी देने के लिए निर्देशित किया गया था।उन्होंने कहा कि 6 जून 2021 से लेकर 10 मार्च 2022 तक बालाघाट कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक द्वारा डबल मनी मामले में क्या कार्यवाही की गई। इसकी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। ना ही अपने ध्यानाकर्षण के जवाब में क्षेत्रीय विधायक ने इसे सार्वजनिक करने का प्रयास किया और ना ही उपायुक्त सहकारिता विभाग बालाघाट ने डबल मनी मामले की जानकारी कोई जानकारी विधानसभा को नहीं दी।
आरोपियों के लेखा-जोखा की जांच में कई उद्योगपतियों के नाम सामने आएंगे
अध्यक्ष श्री सहारे ने कहा कि सवाल यह है कि 6 जून 2021 से 10 मार्च 2022 तक बालाघाट कलेक्टर पुलिस अधीक्षक एवं उपायुक्त सहकारिता विभाग द्वारा विधानसभा को डबल मनी मामले में कोई जानकारी आखिर क्यांे नही दी गई? इस दौरान ही कोई कार्यवाही नहीं होने से डबल मनी के आरोपियों पर लोगों का विश्वास बढ़ा और बालाघाट जिले सहित पड़ोसी राज्यों के अनेक लोगों ने बड़ी मात्रा में धड़ल्ले से पैसा निवेश किया और डबल मनी के आरोपियों ने हजारों करोड़ रूपये लोगों से जमा कराये। जिसमें म.प्र. के साथ-साथ छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र एवं अन्य प्रदेशों से लोगों ने भारी मात्रा में पैसा लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में ध्यानाकर्षण के बाद मामले की जांच कर ली होती तो आज लोगांे को हजारों करोड़ रूपये की ठगी से बचाया जा सकता था। जिसकी जांच में देरी के लिए सभी की भूमिका दोषपूर्ण है। सपा जिलाध्यक्ष महेश सहारे ने कहा कि आरोपियों से जो कम्प्युटर और लेखा-जोखा बरामद किया गया है, उसकी जांच में भी कई बड़े अधिकारी, नेताओं, उद्योगपति और ठेकेदारों के नाम सामने आयेंगे, लेकिन वह जांच भी नजर नहीं आ रही है।
ध्यानाकर्षण कराने के बाद लंबे समय तक मौन रहना संदेहास्पद है।
उन्होंने कहा कि ध्यानाकर्षण सूचना के बाद क्षेत्रीय विधायक का लंबे समय तक मौन रहना संदेहास्पद है। उन्होंने कहा कि इस मामले में लगे गरीबों का पैसा जल्द दिलाने के लिए शासन और प्रशासन को प्रयास करना चाहिये, जरूरत पड़े तो आरोपियांे की संपत्ति कुर्क कर उन्हंे नीलाम किया जायें और गरीब निवेशकर्ताओं को उसकी राशि उपलब्ध कराई जायें। चूंकि डबल के लालच में गरीब निवेशकर्ता के आर्थिक हालत आज दयनीय स्थिति में है। बालाघाटवासियों के हजारों करोड़ो रूपये भी डूबे पड़े है। जिससे बालाघाट की गरीब जनता बेहद परेशान और दुखी है बहुत लोगों ने 1 अपनी खेती की जमीन, मकान, जेवर आदि गिरवी रखकर और बेचकर पैसा लगाया था, जो आज तक उनको नहीं मिला।उन्होंने पुलिस द्वारा चेक के साथ शिकायत करने पर निवेशकर्ताओं की राशि लौटाने के अपील पर भी अब तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाये जाने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि निवेशकर्ता, इस विश्वास के साथ आया था कि उसे उसकी जमा राशि मिल जायेगी, लेकिन वह भी कार्यवाही में हो रही देरी से हताश और परेशान है। उन्होंने क्षेत्रीय नेताओं, प्रशासन और पुलिस की अनदेखी से सालों से पुष्पित हो रहे इस डबल मनी के अवैध खेल को पल्लवित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय पर इसको लेकर क्षेत्रीय नेता, प्रशासन और पुलिस अपनी जिम्मेदारी निभाती तो आज यह दिन बालाघाट को नहीं देखना पड़ता। सपा जिलाध्यक्ष सहारे ने कहा कि इस मामले को लेकर वे जल्द ही यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात करेंगे और इस मामले को लोकसभा में उठावाकर मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग करेंगे।










































