प्रदेश के धार जिले के कोठीदा गांव में कारम नदी पर बना बांध टूटने से यातायात भी प्रभावित हो रहा है। बांध टूटने से एबी रोड से महाराष्ट्र और निमाड़ की ओर जाने वाले यात्री बसें और अन्य वाहनों का आवागमन तीन दिन से प्रभावित है। कई वाहन इंदौर से सिमरोल, चोरल, बड़वाह-सनावद होते हुए भी जा रहे हैं। इस कारण इंदौर-खंडवा रोड हाईवे पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है और जाम लग रहा है। महाराष्ट्र के मुंबई, पुणे, नासिक, शिर्डी और खरगोन, बड़वानी, सेंधवा, खेतिया आदि जगह जाने वाली बसें दो-दो घंटे देरी से आ-जा रही हैं। कल यहां कई घंटे तक जाम में वाहन फंसे रहे। बांध के क्षतिग्रस्त होने से सुधार और बचाव कार्य के कारण प्रशासन द्वारा एबी रोड पर गुजरी के पास सड़क मार्ग को कभी बंद तो कभी चालू किया जाता है। इस कारण वाहनों के आवागमन में देरी हो रही है। इस अव्यवस्था से बचने के लिए कई बसें पीथमपुर, घाटा बिल्लौद, बगड़ी, नालछा और मांडव हाेते हुए धरमपुरी से होते हुए खलघाट के पास एबी रोड पर पहुंच रही हैं। इससे यात्री बसाें को अक्सर देरी हो रही है। आल इंडिया टूरिस्ट परमिट बस आनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण गुप्ता ने बताया कि महाराष्ट्र रूट पर चलने वाली सैकड़ों बसों के लिए परेशानी हो गई है। बसों के घूमकर जाने से डेढ़-दो घंटे की देरी स्वाभाविक है। इंदौर सरवटे बस स्टैंड प्रबंधक दिनेश पटेल ने बताया कि एबी रोड पर यातायात की समस्या पैदा होने से यात्री बसों के फेरे भी कम हो गए हैं। समस्या को देखते हुए यात्रियों ने इस रूट से निकलना बंद कर दिया है और कई लोगों ने यात्राएं स्थगित कर दी है। महाराष्ट्र के अलावा खरगोन, बड़वानी, खेतिया, सेंधवा, महेश्वर, मंडलेश्वर की ओर जाने वाली बसें अधिक प्रभावित हो रही हैं। पीथमपुर, मांडव घूमकर जाने वाले रूट पर भी छोटी गाड़ियां तो आसानी से निकल जाती हैं, लेकिन बड़े वाहनों के लिए मुश्किल है। उधर कारम नदी पर निर्माणाधीन बांध को लेकर नेता प्रतिपक्ष डा. गोविंद सिंह ने सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 40 हजार लोगों को बेघर होना पड़ा और सरकार उनके दर्द को इवेंट की तरह पेश कर रही है। ये शर्मनाक है। ऐसे सिस्टम से प्रदेश बर्बाद हो रहा है। डा. सिंह ने बताया कि 304 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे बांध का निरीक्षण किया। मुलाकात में प्रभावितों ने बताया कि खाने-पीने का इंतजाम तक नहीं है। मुआवजे की बात तो दूर है। अधिकारी अंग्रेजों जैसा बर्ताव कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने बांध निर्माण की न्यायिक जांच की मांग करते हुए सवाल उठाया हैं कि अभी तक संबंधित अधिकारियों और निर्माण कंपनी के कर्ताधर्ताओं में खिलाफ प्रकरण दर्ज क्यों नहीं हुआ? डा. गोविंद सिंह ने कहा कि नवनिर्मित या निर्माणाधीन अरबों रुपये के बांध और पुल-पुलिया ध्वस्त हो रहे हैं। एक साल पहले मंडीदीप में बने पुल की सुरक्षावाल क्षतिग्रस्त हो गई। पिछले साल दतिया में भी दो नए बांध ध्वस्त हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बांध निर्माण करने वाली कंपनी का मालिक भाजपा से जुड़ा है। जिसकी कंपनी ई-टेंडरिंग में ब्लैक लिस्टेड है। फिर उसे काम क्यों दिया? नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार ने कंपनी को लेकर विधानसभा में लिखित जवाब में स्वीकार किया है कि इसके खिलाफ ईओडब्ल्यू में जांच लंबित है।उन्होंने कहा कि ऐसे निर्माण को लेकर कांग्रेस विधानसभा में आवाज उठाएगी।









































