पिछले एक वर्ष से चल रही कोरोना की त्रासदी ने जहा आम जन जीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है वही दूसरी ओर इस त्रासदी का भरपूर लाभ स्वास्थ्य से जुड़ी संस्थाओं के साथ ही साथ राजनेताओं तथा अधिकारी वर्ग ने भी भरपूर फायदा उठाया है।
एक तरफ लोग अपने परिवार के सदस्य की जान बचाने यह वहा भटक रहे थे, इलाज के लिए अपना सभी कुछ उपलब्ध संसाधन झोंक दे रहे थे, चाहे जमा पूंजी हो जेवर हो सभी हाथो से फिसल गए, लेकिन इन मौतों के लुटेरों का जमीर मर गया तभी तो कतिपय डॉक्टर, हॉस्पिटल , प्रशासनिक अधिकारी, ठेकेदार, सप्लायर, राजनेताओं ने इन परिवारों को ही नही लूटा बल्कि राज्य और केंद्र सरकार से इस महामारी के लिए आई करोड़ों की राशि का बंदरबांट कर लिया ।
मनमानी दरों पर सामग्री खरीद की गई , सामग्री आई ही नहीं लाखो का फर्जी बिल बनाकर भुगतान कर दिया गया । पिछले वर्ष कोरोना की पहली लहर में सरदार पटेल कॉलेज को कोविड सेंटर बनाया गया था, उस वक्त लाखो की सामग्री खरीदी होना दर्शाया गया था , लेकिन वो सामग्री गई कहा ,ये जांच का विषय बन गया है ।
सूत्रों से हमे जो जानकारी मिली उसके अनुसार २५ वेंटीलेटर खरीदी होना दर्शाया गया ,किंतु इन २५ वेंटीलेटर का अता पता नहीं है की कहा है । इसी तरह ५० ऑक्सीजन सिलेंडर ५५००० रुपए प्रति सिलेंडर की दर से खरीदी किया जाना दर्शाया गया है ,इन सिलेंडरो का भी अता पता नहीं है , इतना ही नहीं एक सिलेंडर की वास्तविक कीमत १८००० रुपए है लेकिन खरीदी दर ५५००० हजार रुपए दर्शाई गई है।
इसी तरह जिला चिकित्सालय के लिए भी खरीदी जा रही सामग्री की दर भी आप जान लीजिए । पी. पी.किट २५० रुपए की ५५० में खरीदी गई, डिस्पोजल मास्क २ रुपए का ७ रुपए में ,डिस्पोजल प्लास्टिक पन्नी ४० रुपए की १८० में , पोस्ट मार्टम ग्लोब्स ४० रुपए के १५० रुपए में , ऑक्सीजन सिलेंडर जंबो १२००० का ३२००० में , ट्रॉली १२०० की २३५० में, पलंग ३६०० का ७२०० में , एन ९५ मास्क २० रुपए का १३५ रुपए में, डिस्पोजल कैप २ रुपए का ८ रुपए में , ऑक्सीजन फ्लो मीटर १००० रुपए का ५२०० रुपए में । ये तो छोटा सा ट्रेलर है पिक्चर तो अभी बहुत लंबी है ।
उच्चस्तरीय जांच से ही पता चल पाएगा की की कितनी लूट हुई है । एक बड़ी लूट तो मैं बताना ही भूल गया इसका उल्लेख पहले ही हो जाना था खैर अभी बता देता हूं । अस्पतालों को जो आयुष्यमान योजनाओं से जोड़ा गया था ,जिसमे ५ लाख तक की राशि इलाज के लिए हॉस्पिटल को एक पात्र मरीज के नाम पर दी जा रही थी। इसमें भी करोड़ों का घोटाला हो गया । सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गयखुरी रोड पर संचालित हॉस्पिटल के नाम करीब १० करोड़ के घोटाले बात सामने आ रही है । मैं जो जानकारी यहां दे रहा हु हो सकता है उसमे कोई
कमी बेसी हो लेकिन ये तो जांच होगी तभी पता चलेगा की कहा कितना घोटाला हुआ है ?










































