मछुआ सहकारी समिति कायदी के मछुआरों ने मत्स्य उद्योग संचालिका शशि कला धुर्वे, वरिष्ठ मत्स्य निरीक्षक मीना कोकटे,ग्राम पंचायत कायदी सरपंच ओम प्रकाश मेंश्राम और सचिव मदन लाल उईकेपर कायदी के सभी तालाबों का पट्टा दिए जाने के नाम पर ५०-५० हजार रु की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। रिश्वत की यह रकम उन्हें ना देने पर कायदी के समस्त तालाब मछुआ समिति वारा को दिए जाने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।
बताया जा रहा है कि मछुआ सहकारी समिति कायदी का कार्य क्षेत्र ग्राम पंचायत कायदी तक ही सीमित है स्थानी समिति को प्राथमिकता देने का नियम होने के चलते वर्ष १९६१ से वर्ष २०२० तक कायदी के अंतर्गत आने वाले विभिन्न तालाब का ठेका मछुआरा सहकारी समिति को ही दिया जाता था।
३० जून २०२० को तालाब के पट्टे की अवधि समाप्त हो गई जिस पर मछुआ सहकारी समिति कायदी ने मत्स्य विभाग और पंचायत में पुनः पट्टे के लिए आवेदन किया और समय-समय पर पट्टे के लिए आवेदन करते रहे। ग्राम पंचायत के समस्त तालाबों का प्रस्ताव व पट्टा प्रदान करने के लिए सरपंच सचिव और मत्स्य उद्योग में उनकी समिति से ५०-५० हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई थी।
बाइट डिलेंद्र कोले, सचिव मछुआ सहकारी समिति कायदी
इस पूरे मामले पर हमने मत्स्य उद्योग कार्यालय संचालिका शशि कला धुर्वे से चर्चा करनी चाही लेकिन उस वक्त वे अपने कार्यालय में नहीं मिली। वही उनके मोबाइल नंबर ९४२५८५९३७२ पर कई बार संपर्क किया गया लेकिन बार-बार फोन लगाने पर भी उनसे संपर्क नहीं हो सका।
ठीक इसी तरह इस पूरे मामले को लेकर हमने ग्राम पंचायत कायदी के सरपंच ओम प्रकाश उर्फ राजू मेश्राम के मोबाइल नंबर ९७५५५११४५२ पर कई बार संपर्क किया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। सरपंच के परिजनों ने दूरभाष पर की गई चर्चा के दौरान बताया कि सरपंच सहाब घर पर मोबाइल रख कहीं बाहर गए हुए हैं।









































