बालाघाट : मोबाइल की तरह रिचार्ज होंगे बिजली के मीटर

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बालाघाट(पद्मेश न्यूज)। 2 वर्ष बाद बिजली उपभोक्ताओं को मोबाइल की तर्ज पर अपने घरों, कृषि पंप और औद्योगिक संस्थान में लगे बिजली के मीटर अपने बजट के अनुसार रिचार्ज कराने पड़ेंगे। जिसके आधार पर ही तय होगा कि बिजली का उपयोग किस तरह करना है।  यदि समय से पहले रिचार्ज समाप्त हुआ तो मोबाइल की तरह चंद रोज के लिए टॉपअप लेने की व्यवस्था भी रहेगी।
2025 तक की जारी हुई गाइडलाइन

दरअसल केंद्र सरकार द्वारा घरेलू उद्योग और कृषि पंप पर लगे मीटरों को प्रीपेड स्मार्ट मीटर में बदलने के लिए समय सीमा तय कर दी गई है। गाइडलाइन के अनुसार वर्ष 2023 तक घरेलू मीटर बदल दिए जाएंगे वर्ष 2025 तक औद्योगिक और कृषि पंप के मीटर बदले जाएंगे।
बदलेंगे 3 लाख 50 हजार मीटर

पद्मेश न्यूज़ से चर्चा के दौरान बालाघाट संभाग के कार्यपालन यंत्री लक्ष्मण सिंह उइके ने बताया कि सरकार ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है। जिसका आदेश मिलना अभी बाकी है। बालाघाट संभाग के अंतर्गत बालाघाट शहर में 28 हजार और कुल 1 लाख 16 हजार मीटर बदले जाने हैं। बिजली वितरण कंपनी के अनुसार जिले के दो अन्य संभाग वारासिवनी और बैहर में लगभग ढाई लाख मीटर बदले जाएंगे। इस तरह जिले के भीतर कुल 3 लाख 50 हजार मीटर के बदलने का काम होगा।
वितरण कम्पनी को फायदा ही फायदा

जानकारों के अनुसार प्रीपेड मीटर लगाए जाने से बिजली वितरण कंपनी को फायदा ही फायदा होगा कंपनी को मेन पावर की जरूरत कम होगी।  ना कनेक्शन काटने की मशक्कत करनी पड़ेगी ना ही कनेक्शन जोडऩे की परेशानी होगी। मीटर रीडिंग और बिल बांटने से मुक्ति मिल जाएगी।  जिससे कागज की बचत होगी।  अग्रिम बिल की राशि करोड़ों रुपए प्राप्त होगी उसका ब्याज लाखों में मिल जाएगा। कम इन पावर और बिजली बिल की वसूली नहीं हो ना सहित अन्य फायदे होने पर बिजली अधिकारियों के अनुसार उपभोक्ताओं को वर्तमान समय से भी सस्ते दर पर बिजली मिल सकेगी।
उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा

इससे भी बड़ी और सुविधाजनक बात उपभोक्ताओं के लिए होगी कि जब उन्हें बिजली की ज्यादा जरूरत होगी तभी अधिक का रिचार्ज करा सकेंगे और जब भी बिजली की कम जरूरत होगी वे कम रुपए का रिचार्ज कराने के लिए स्वतंत्र रहेंगे। इसका फायदा घरेलू उपभोक्ता से लेकर कृषि पंप और औद्योगिक संस्थान के सभी उपभोक्ताओं को मिलेगा।
ऐसे करेगा स्मार्ट मीटर काम

प्रीपेड स्मार्ट मीटर की विषय में जानकारी यही मिल रही है कि यह मोबाइल टावर की सहायता से ऑपरेट किया जा सकेगा उपभोक्ता को मोबाइल में बिजली की खपत बची हुई यूनिट की जानकारी मिलती रहेगी, जैसे ही रिचार्ज खत्म होगा वैसे ही बिजली सप्लाई बंद हो जाएगी। सप्लाई शुरू करने के लिए फिर रिचार्ज करना पड़ेगा।  बिजली कंपनी के कार्यालय में प्रत्येक मीटर की खपत और उसके रिचार्ज की जानकारी अधिकारियों को मिलती रहेगी।

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