बुरी नियत से छेड़छाड़ करने पर विजय को एक वर्ष का कारावास

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वारासिवनी न्यायालय के विद्वान न्यायाधीश न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्रीमती प्रीति चैतन्य चौबे की अदालत ने छेड़छाड़ के मामले में रामपायली थाना अंतर्गत ग्राम दैतबर्रा निवासी विजय सलामें को 1 वर्ष का कारावास 1000 रूपये के अर्थदंड की सजा सुनायी। प्राप्त जानकारी के अनुसार 18 जुलाई 2016 को आरोपी विजय पिता रंगलाल सलामे निवासी दैतबर्रा थाना रामपायली जिला बालाघाट के द्वारा थाना अंतर्गत महिला से बुरी नियत के साथ छेड़छाड़ की गई थी। जिस पर उक्त महिला के द्वारा विजय सलामें के खिलाफ रामपायली थाने में अपराध दर्ज कराया गया था की 07 जुलाई 2016 को उसकी मां की तबियत खराब होने पर वह अपने पिता के घर अपने पति और बच्चों के साथ दैतबर्रा आई थी। जो 18 जुलाई 2016 के सुबह 10 बजे वह नर्सरी तालाब के तरफ शौच जाने के लिए लोटा लेकर गयी थी तब वहाँ विजय सलामे वहां आ गया था। तब पीडिता अपने पिताजी के घर वापिस आ गयी। उसी दिवस की शाम 5 बजे वह तालाब तरफ शौंच के लिए गई तो गांव का विजय सलामे फिर से उसे दिखा। वह उसके पास आकर बुरी नियत से पकड़ने लगा। पीड़िता चिल्लाई तो आवाज सुनकर उसके परिवार के लोग दौडकर आये और बीच बचाव करने लगे पीडिता की छोटी लडकी उसके पास आई और विजय को धक्का दे दिया। महिला के परिवार के लोगों ने आकर बीच बचाव किया था। जिस पर विजय ने महिला को जान से मारने की धमकी दिया था। जिसमें पुलिस के द्वारा भादवि की धारा 354 के तहत छेड़छाड़ का अपराध पंजीबद्ध कर विजय सलामें को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया था। जिसके बाद से उक्त मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में विचाराधीन था। जिसमें न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विद्वान न्यायाधीश श्रीमती प्रीति चैतन्य चौबे के द्वारा समस्त गवाह साक्ष्य व दस्तावेज के आधार पर विजय सलामें को दोषी पाते हुए भादवी की धारा 354 के तहत एक वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000 रुपये के अर्थदण्ड की सजा से दंडित किया। अर्थदण्ड की राशि अदा न करने पर 3 माह के सश्रम कारावास से दंडित किया जाने की सजा सुनायी। अभियोजन की ओर से पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी वारासिवनी राजेश कायस्थ के द्वारा की गई।

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