पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी के ग्राम वारा स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर नवनिर्मित रेलवे ओवरब्रिज का शुक्रवार को उस समय राजनीति के दांव पेच और हंगामे का केंद्र बन गया। जब इसके अनौपचारिक शुभारंभ को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने सामने आ गए। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद भी तीखी नोकझोंक हुई और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
बाजे गाजे के साथ पहुंचे भाजपा और कांग्रेस नेता
तय कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार सुबह लगभग १०.३० बजे भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल, बालाघाट सिवनी लोकसभा सांसद श्रीमती भारती पारधी,भाजपा जिला अध्यक्ष रामकिशोर कावरे ,नपाध्यक्ष श्रीमती सरिता मनोज दांदरे ,पूर्व नपाध्यक्ष श्रीमती स्मिता जायसवाल,नगर मंडल अध्यक्ष संदीप मिश्रा,वेदप्रकाश पटेल, मिलिनंद नगपुरे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी सैकड़ों कार्यकर्ता बाजे गाजे के साथ ब्रिज पर पहुँचे। भाजपा का कार्यक्रम चालू हुआ ही था कि करीब ११ बजे क्षेत्रीय विधायक विवेक पटेल भी अपने सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ ब्रिज का शुभारंभ करने पहुँच गए। एक ही समय पर दोनों दलों के आमने सामने आने से माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस ने रोका विधायक का काफिला प्रशासन पर लगे आरोप
मुस्तैद पुलिस प्रशासन ने टकराव की स्थिति को देखते हुए विधायक विवेक पटेल और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ब्रिज के प्रवेश द्वार पर ही रोक दिया। इससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस और प्रशासन पर सत्ता पक्ष के दबाव में काम करने के गंभीर आरोप लगाए। काफ ी जद्दोजहद के बाद प्रशासन ने विधायक और उनके समर्थकों को वार्ड नंबर ४ वाले छोर से ब्रिज पर चढऩे की अनुमति दी। लेकिन उन्हें मुख्य गार्डर पर ही रोक दिया गया क्योंकि आगे भाजपा नेताओं की मौजूदगी थी।
सरपंच ने नारियल फोडक़र आम जनता ने शुरू किया आवागमन
भाजपा खेमे ने वार्ड नंबर ४ के छोर से रैली निकालते हुए ग्राम वारा के दूसरे छोर पर पहुँचकर विधि विधान से पूजा अर्चना की। यहाँ भाजपा नेताओं ने ग्राम वारा के सरपंच सूर्यभान सिंह पूसाम के हाथों नारियल फुड़वाकर अनौपचारिक रूप से ब्रिज का आवागमन प्रारंभ किया।
ब्रिज के गार्डर पर ही धरने पर बैठे विधायक
आगे जाने से और रोके जाने से नाराज विधायक विवेक पटेल अपने कार्यकर्ताओं के साथ ब्रिज के गार्डर पर ही धरने पर बैठ गए। इसी दौरान जब भाजपा कार्यकर्ता वापस वारासिवनी की ओर लौटने लगे तो दोनों पक्ष फि र से आमने सामने हो गए जिससे टकराव की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल और विधायक विवेक पटेल के बीच तीखी बहस भी हुई। अंतत: विधायक ने गार्डर पर ही पंडित श्री चौबे के मंत्रोच्चार के साथ पूजन संपन्न किया और ब्रिज का अनौपचारिक शुभारंभ किया जिसके बाद मामला शांत हुआ।
विवाद की जड़, रात में हुआ पोस्टर वॉर
उल्लेखनीय है कि इस विवाद की पटकथा गुरुवार रात को ही लिख दी गई थी। बैनर पोस्टर और झंडे लगाने को लेकर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए थे। एक पक्ष द्वारा लगाए गए पोस्टरों को ढकने के लिए दूसरे पक्ष ने ऊपर से अपने पोस्टर लगा दिए थे जिससे हल्की झड़प भी हुई थी। तनाव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने शुक्रवार सुबह से ही वारासिवनी, रामपायली, खैरलांजी और लालबर्रा सहित पुलिस लाइन के भारी बल को तैनात कर दिया था। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में किसी तरह दोनों पक्षों के कार्यक्रम संपन्न हुए और बड़ी अप्रिय घटना टल गई। ब्रिज के शुरू होने से जनता को राहत तो मिली है लेकिन इस उद्घाटन ने क्षेत्र की राजनीतिक तपिश को चरम पर पहुँचा दिया है।
आज ऐतिहासिक दिन है जनता की समस्या का समाधान किया है-प्रदीप जायसवाल
पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल ने बताया कि कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं था अनौपचारिक रूप से ब्रिज चालू करना था। कांग्रेस ने झंडा बैनर लगाना चालू कर दिए थे अलग कार्यक्रम करने तामझाम किया कार्ड छपावायें। सरकार भाजपा की है बैनर में मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री की फोटो है उसे हटाने का किसी को अधिकार नहीं है उसे यह लोग हटा रहे थे। इन्हें बैनर पोस्टर अन्य स्थानों पर लगाने थे वह हल्ला दंगा कर माहौल को खराब करने का प्रयास कर रहे थे। भिड़ंत की कोई बात नहीं है हाथी अपना काम करता है हमारी सरकार है जो विकास की स्पीड हमने वारासिवनी खैरलांजी विधानसभा क्षेत्र में बनाई इसका असर दिख रहा है। पिछले ढाई वर्ष में बजट में १ रूपये नहीं आया तो यह खिसियानी बिल्ली है। हमने अपना कार्यक्रम किया आज वारासिवनी का ऐतिहासिक दिन था आवागमन की समस्या का समाधान हुआ है। मैंने समर्थन दिया था तो सरकार ने विकास कार्य दिए थे यह रेलवे ओवरब्रिज वर्ष २०२१ के बजट में मिला था ६ अक्टूबर २०२३ को हमने इसका भूमि पूजन किया था। अभी हमने अनौपचारिक ब्रिज को चालू किया है इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री करेंगे कुछ लोग ऐसे हैं जो उद्घाटन और अनौपचारिक चालू करने में अंतर नहीं समझते। हम और यहां पर सांसद बैठी है जो उद्घाटन नहीं कर रही है वह भी हमारे साथ आते पर उनका कहना है कि हम उद्घाटन करेंगे।
हम राष्ट्र निर्माण में काम करने वाले व्यक्ति है-रामकिशोर कावरे
भाजपा जिला अध्यक्ष रामकिशोर कावरे ने बताया कि इस ब्रिज के लिए सभी को बधाई उसे कालखंड में मैं भी मंत्री था। बजट में वारा ,गर्रा ,सरेखा रेलवे ओवरब्रिज पूर्व मुख्यमंत्री से आग्रह करने पर स्वीकृति मिली थी। वर्तमान मुख्यमंत्री ने बजट की व्यवस्था की हमारे विचार है कि जनता को कभी परेशानी ना हो ब्रिज बनकर तैयार है। हमारी राजनीति के कारण किसी जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए यह पहला मौका नहीं है सरेखा में भी ऐसा ही किया गया है। हम राष्ट्र निर्माण में काम करने वाले व्यक्ति है आगामी समय में नगर पालिका के माध्यम से इस रेलवे ओवरब्रिज का नाम महापुरुषों पर रखा जाएगा।
कोई राजनीतिक सरगर्मी सियासत नहीं है विचारधारा का अंतर रहता है-भारती पारधी
सांसद श्रीमती भारती पारधी ने बताया कि यह खुशी का विषय है एक साथ कई ओवरब्रिज जिले में है। कुछ बन रहे हैं कुछ बन गए हैं पूर्व मुख्यमंत्री से उनकी स्वीकृति मिली थी जिसका सांकेतिक लोकार्पण हमने जनता की परेशानी को देखते हुए कर रहे हैं। हम तारीख को और उद्घाटन में जनता को परेशान नहीं करते हैं हमने सरेखा में भी ऐसा ही किया और अंडर पास में भी पहले गुजरने वाले वरिष्ठ व्यक्ति को उद्घाटनकर्ता बनाया। आज यह ब्रिज जनता के हवाले कर दिया गया है कोई राजनीतिक सरगर्मी सियासत नहीं है विचारधारा का अंतर रहता है थोड़ी बात होती है यह सामान्य बात है।
प्रशासन का रवैया निंदनीय और दुर्भावनापूर्ण था- विवेक पटेल
विधायक विवेक पटेल ने कहा कि अंतिम निरीक्षण हमने कर १० अप्रैल की सुबह ११ बजे खोलने का तय किया। इसके लिए संासद, कलेक्टर सभी से बात कर कार्यक्रम निर्धारित करवाया। अब हम यहां आए हैं तो समझ में नहीं आ रहा है कि क्यों रोका गया है। यहां पर अभिनंदन का पोस्टर लगवाए मैंने तय किया था कि लोगों को हो रही तकलीफ से निजात मिले। आज सुबह बात हुई मैं विधायक हूं आया तो यहां पर रोक दिया गया तब से बैठे हैं। प्रशासन का जो रवैया था वह निंदनीय दुर्भावनापूर्ण तथा लोकतंत्र की हत्या करने जैसा था। जनप्रतिनिधि को यहां रोका गया है हम चाहते हैं यहां आवागमन चालू है। श्रेय लेने के चक्कर में हम नहीं है अभी अनौपचारिक शुभारंभ कर रहे हैं मुख्यमंत्री के पास अभी समय नहीं है उनके जैसे ही कार्यक्रम बनेगा तो इसका औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा।
पुलिस प्रशासन कानून व्यवस्था बनाने के लिए मौजूद रही -कार्तिकेय जायसवाल
एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल ने बताया कि १० अप्रैल को वारासिवनी के वारा रेलवे ओवर ब्रिज पर ट्रैफि क आवागमन शुरू किया जाना था। इसमें कोई शासकीय कार्यक्रम औपचारिक उद्घाटन नहीं हुआ। किंतु क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने यहां पर भ्रमण किया और अपने स्तर पर पूजा की लेकिन पुलिस प्रशासन कानून व्यवस्था बनाने के लिए यहां पर मौजूद था। हमें लगता है कि हमने पूरा प्रयास किया की विभिन्न दल के जनप्रतिनिधियों की भिड़ंत को रोक सके। रात्रि में एक दल के पोस्टर पर दूसरे दल के पोस्टर लगाए जा रहे थे जिससे तनावपूर्ण स्थिति बनी थी मौके पर समझाइस दी गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का इसमें अपना योगदान है अभी तनावपूर्ण स्थिति नहीं है किंतु हम यहां पर कोई भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मुस्तैद है।








































