बैंकॉक: बीजिंग में नॉर्थ-ईस्ट का जिक्र कर मोहम्मद यूनुस ने चीन को आगे कर भारत को घेरने की कोशिश की थी। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी एक ऐसा प्लान पेश करने वाले हैं, जिससे ना सिर्फ नॉर्थ ईस्ट दुनिया के कई देशों के लिए विकास का दरवाजा खुलेगा, बल्कि बांग्लादेश ने जो बेशर्म हरकत की थी, उसे भी करारा जवाब मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी के इस प्लान से भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में कनेक्टिविटी क्रांति होने वाली है। एक वक्त था जब पूर्वोत्तर भारत खराब सड़कें और खराब इन्फ्रास्ट्रक्चर की वजह से अपने नसीब पर आंसू बहाता था लेकिन आज की तारीख में पूर्वोत्तर भारत में बेहतरीन सड़कों और पुलों का जाल बिछा दिया गया है। पूर्वोत्तर भारत में रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बढ़ाया गया है और पूर्वोत्तर के सभी राज्य अब भारत के रेलवे मानचित्र पर हैं।
लिहाजा अब वक्त आ गया है कि भारत अगला कदम उठाए और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान पूर्वोत्तर भारत को कई देशों के लिए विकास का दरवाजा बनाने जा रहे हैं। BIMSTEC इस लिहाज से काफी ज्यादा महत्वपूर्ण बनने वाला है। न्यूज-18 के ओपिनियन आर्टिकल में लिखा गया है कि बिम्सटेक के एजेंडे में सबसे ऊपर समुद्री परिवहन समझौता है, जो भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच अंतर-क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा देगा। एमटीए न सिर्फ भारत और आसियान के बीच व्यापार को बढ़ाने के लिए तैयार है, बल्कि यह नई दिल्ली को महत्वपूर्ण प्रशांत महासागर में अपना प्रभाव बढ़ाने में भी मदद करेगा।










































