कांग्रेस में फिलहाल अध्यक्ष के चुनाव को लेकर रार मची हुई है लेकिन पार्टी की नजर 2024 के लोकसभा चुनाव पर है। भारत जोड़ो यात्रा को पार्टी लोकसभा चुनाव से पहले बड़े जनसंपर्क अभियान के तौर पर देख रही है। यात्रा का मार्ग भी चुनाव को ध्यान में रखते हुए तय किया गया है। पार्टी को उत्तर के मुकाबले चुनाव में दक्षिणी राज्यों से ज्यादा उम्मीद है। यात्रा में तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना शामिल हैं। दरअसल, कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा सबसे ज्यादा समय दक्षिणी राज्यों में गुजारेगी। पूरी यात्रा के दौरान कुल 22 महत्वपूर्ण स्थान चुने गए हैं, इनमें से नौ स्थान दक्षिण में हैं। इसके साथ मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी यात्रा काफी लंबा सफर तय करेगी। मध्य प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। हालांकि, यह यात्रा गुजरात और हिमाचल प्रदेश से होकर नहीं गुजरेगी। दक्षिण भारत खासकर तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में लोकसभा की 129 सीट हैं। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस इनमें से सिर्फ 28 सीट मिली थी। जबकि भाजपा 29 सीत जीतने में सफल रही। भाजपा ने अकेले कर्नाटक में 25 सीट जीती थी। ऐसे में कर्नाटक में यात्रा पार्टी के लिए अहम है। क्योंकि कर्नाटक में अगले साल विधानसभा चुनाव भी हैं। इस मुहिम में पार्टी ने सामाजिक संगठनों को भी अपने साथ जोड़ा है। हालांकि यात्रा का समर्थन करने वाले कई संगठन यूपीए सरकार के खिलाफ अन्ना आंदोलन में शामिल रहे हैं। लेकिन इस मुद्दे पर वह साथ हैं। बता दें कि कांग्रेस की यह यात्रा ऐसे वक्त हो रही है जब पार्टी में संगठन चुनाव अंतिम दौर में हैं। पार्टी नेता और कार्यकर्ता राहुल गांधी को एक बार फिर अध्यक्ष पद संभालने की मांग कर रहे हैं।










































