भारी हंगामें के बीच हुई परिषद की बैठक

0

नगर पालिका बालाघाट में परिषद की बैठक का आयोजन किया गया, यह बैठक काफी हंगामेदार रही, जिसमें पक्ष और विपक्ष दोनों के पार्षद और जनप्रतिनिधियों द्वारा नगर पालिका के कर्मचारी को घेरते हुए उनके कार्य प्रणाली को परिषद के सामने रखते हुए ,उन्हें फटकार लगाई गई और इस वर्ष का बजट पेश किया गया, काफी लंबी चली यह बैठक में क्या पक्ष क्या विपक्ष सभी ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी और नगर पालिका अध्यक्ष को सवालों के घेरे में खड़ा किया और बताया कि किस प्रकार आज नगर पालिका के कर्मचारी और अधिकारी आज नगर पालिका के पार्षदों की नहीं सुन रहे हैं ,जिस पर नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा कार्रवाई करने की बात भी कही गई है

आपको बता दे की जिस प्रकार से पूर्व निर्धारित था कि 11 मार्च को नगर पालिका द्वारा अपनी परिषद की बैठक बुलाई जाएगी , उसी अनुसार 11 मार्च को सुबह 10:00 बजे नगर पालिका द्वारा परिषद की बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें यह बैठक शुरू होते ही सबसे पहले पक्ष के पार्षद व सभापतियों द्वारा नगर पालिका के अधिकारी, कर्मचारी को घेरने का काम किया गया और जिसमे नगर पालिका अध्यक्ष से निर्माण सभापति द्वारा यह शिकायत की गई कि आज नगर पालिका के कर्मचारी व अधिकारी उनकी बात नहीं सुन रहे हैं, यदि वह कोई जानकारी मांगते हैं तो वह उन्हें जानकारी नहीं दे रहे हैं, जिस पर नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा त्वरित इस विषय पर संज्ञान लेते हुए नगर पालिका की स्वास्थ्य शाखा की नोडल अधिकारी प्रीति गरते को को सवालों के घेरे में लेते हुये कहा गया कि वह इस प्रकार से पार्षदों के द्वारा मागी गयी जानकारी का जवाब नहीं देंगे तो उन पर कार्रवाई की जाएगी, वहीं पार्षद भारती पारधी द्वारा नगर पालिका के अधिकारियों से यह भी कहा गया कि क्या वह जनप्रतिनिधि वह पार्षदों को जानकारी देना उचित नहीं समझते या यदि वह यह स्पष्ट कर दे कि वह किसी को भी जानकारी नहीं देना चाहते, तो नगर पालिका के पार्षद किसी से भी जानकारी नहीं मांगेंगे इस प्रकार पहले पक्ष के ही पार्षदों द्वारा नगर पालिका के अधिकारी, कर्मचारी को घेरा गया

विपक्ष ने उठाई थी आवाज तो सत्ताधारी पार्षदों ने नहीं दिया था साथ –

जब नगर पालिका के निर्माण सभापति सुधीर चिले द्वारा परिषद की बैठक शुरू होते ही स्वास्थ्य विभाग की नोडल प्रीति गरते पर जानकारी नहीं देने का आरोप लगाया गया जिसमें नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा भी उन्हें फटकार लगाई गई कि आखिर क्यों उनके द्वारा जानकारी नहीं दी जाती ,जिस पर वार्ड नंबर 23 के पार्षद आशुतोष डहरवाल द्वारा कहा गया कि जब विपक्ष के द्वारा जानकारी नहीं देने को लेकर आवाज उठाई गई थी, उस समय यदि पक्ष के पार्षदों द्वारा साथ दिया गया होता ,तो आज विपक्ष के साथ-साथ पक्ष के पार्षदों को भी जानकारी मिलती किंतु उन्होंने विपक्ष के साथ अनदेखी की थी और अधिकारियों को सह दिया था उसी का परिणाम है कि आज उन्हें सत्ताधारी पार्टी में होने के साथ-साथ उनका अध्यक्ष होने पर भी उन्हें नगर पालिका के अधिकारी ,कर्मचारी जानकारी नहीं दे रहे हैं और इतना ही नहीं आज स्वयं नगर पालिका के सत्ताधारी पार्टी के पार्षद भी उन्ही के पक्ष के ही उपाध्यक्ष और कुछ साथियों के नाम भूमि पूजन के पत्थरो में नहीं लिख रहे हैं, वही योगराज लिल्हारे द्वारा भी भूमि पुजनों के पत्थर में बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे का नाम नहीं लिखे जाने का विरोध किया गया
नपा अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी पर उठाये गये सवाल –
विपक्ष द्वारा नगर पालिका अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी को घेरते हुए प्रस्ताव की कॉपी उन्हें नहीं देने को लेकर घेरा गया तब मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा कहा गया कि यह बैठक आनन फानन में बुलाई गई है आचार संहिता लगने की जानकारी लगते ही या बैठक की गई है वही विधायक प्रतिनिधि द्वारा भी यह बात कही गई कि यदि जिस प्रकार नियम है कि परिषद की बैठक के प्रस्ताव की कॉपी निश्चित समय के पहले दे देनी चाहिए ,यदि वह दे देते तो आज बजट और प्रस्ताव में जो त्रुटियां हो रही है वह त्रुटियां परिषद को देखनी नहीं पड़ती

पीएम आवास में भी नगर पालिका की मिली खामियां –

जिस प्रकार से आज पीएम आवास के तहत मकान बनाए जा रहे हैं और उनकी क़िस्त की राशि डाली नही जा रही है किंतु देखने में यह आ रहा है कि बहुत से मकान की दो से तीन किस्त डालने के बाद अब नगर पालिका कह रही है की तीसरी क़िस्त तभी डालेगी जब वह उनके घरो में आरहे विद्युत के पोलो को हटवायेगें या फिर अन्य प्रकार की संबंधित विभाग की एनओसी लेकर आए ,जब हितग्राही द्वारा मकान ही गलत बनाए गए थे तो 1 से 2 किस्त क्यों डाली गई, क्यों अब तीसरी किस्त में उन्हें परेशान किया जा रहा है, यह तो सब नगर पालिका की खामियां हैं किंतु आज भुगतना हितग्राही को पढ़ रहा है, वही पोकलेन मशीन पर 10 लाख के खर्च के विषय पर योगराज लिल्हारे पार्षद वार्ड नंबर 2 द्वारा आपत्ति जाहिर की गई कि यदि पिछले बार ही पोकलेन मशीन से सफाई किए गए नालों पर नगर पालिका ध्यान दे देती तो , आज पुन: किराये से 10 लाख रूपये की पोकलेन मशीन बुलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती

जमकर बरसे पक्ष, विपक्ष के पार्षद –

बैठक के दौरान कुछ मुद्दे ऐसे भी आए जिनमें नेता प्रतिपक्ष योगराज लिल्हारे , विधायक प्रतिनिधि शफकत खान एवं पक्ष के कुछ पार्षद ,उपाध्यक्ष योगेश बिसेन भी इस परिषद की बैठक में जमकर बरसे उन्होंने नगर पालिका के कर्मचारियों को खूब आडे हाथों लिया और चल रही नगर पालिका में मनमानी पर अंकुश लगाने की बात कही गई, वहीं एक विषय ऐसा भी आया जहां पर नगर पालिका कार्यालय के लिए लग रहा है वह नगर पालिका कार्यालय की भूमि हस्तांतरण की बात पर जमकर पक्ष विपक्ष के पार्षद बरसे वहीं विपक्ष के पार्षदों द्वारा यह आरोप लगाया गया कि आज जितने भी स्थान मुलना जी के द्वारा दान किए गए हैं चाहे वह मुलना गार्डन क्यों ना हो वहां की स्थिति किसी से छुपी नहीं है आज मुलना गार्डन की स्थिति बद से बतर हो चुकी है इन सब चीजों को ध्यान देना चाहिए
इंजीनियरों ने बताई संसाधनों की कमी –
भले ही नगर पालिका द्वारा डेढ़ अरब का शहरी विकास के लिए बजट पेश किया जा रहा है, किंतु परिषद की बैठक के दौरान इंजीनियर स्वप्निल जैन द्वारा बताया गया कि आज उन्हें कार्य करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है उन्हें कंप्यूटर, लैपटॉप, फोटो कॉपी करने के लिए मशीन एवं जितने कर्मचारी की उन्हें आवश्यकता पड़ती है, उतने उनके पास उपलब्ध नहीं है ,उसके बाद भी वह काम कर रहे हैं, इस ओर भी उन्होंने परिषद का ध्यान आकर्षण करवाया

5 करोड़ का लोन लगी नगर पालिका –

भले ही नपा भारी भरकम बजट पेश कर रही है किंतु एक प्रस्ताव ऐसा भी परिषद की बैठक में पेश किया गया, जिसमें स्वयं नगर पालिका 5 करोड़ के लोन लेने की बात कर रही है, जिसमें यह बताया गया है कि वह प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ का लोन लेना चाहती है, तब ही चल रहे प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रोजेक्ट को गति मिलेगी, जिस पर परिषद द्वारा सवाल भी खड़े किए गए और आपत्ति भी लगाई गई है, भटेरा से बाईपास निकलने के प्रस्ताव पर योगराज लिल्हारे वार्ड नंबर 2 पार्षद द्वारा ली गई आपत्ति और कहा गया की नहीं बनने देंगे बायपास उन्होंने कहा की यहा बायपास तो सफल होगा नहीं पर कुछ कॉलोनाइजर को लाभ पहुंचेगा जो वह होने नहीं देंगे

रेलवे स्टेशन मार्ग पूर्ण होने का नपा अध्यक्ष ने पूछा मुहूर्त
नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा रेलवे स्टेशन से हनुमान चौक तक पहुंच मार्ग के विषय में नगर पालिका की इंजीनियर ज्योति मेश्राम से पूछा कि आखिर हनुमान चौक से लेकर रेलवे स्टेशन पहुंच मार्ग किस शुभ मुहूर्त में पूर्ण होने वाला है, उसकी तिथि बताएं, अन्यथा वह उन पर 30 मार्च तक यदि वह रेलवे स्टेशन पहुंच मार्ग को पूर्ण नहीं करवाती है और जो बने हुए मार्ग को पुनः ठीक नहीं करवाती हैं तो वह अब उस मार्ग का एक भी पेमेंट नहीं करवायेगे और सारा पैसा रोक देंगे और उन पर भी वह सख्त कार्रवाई करवायेगें , क्योंकि वह उनकी प्रभारी है और यदि ठेकेदार द्वारा भी तय सीमा में उन्हें काम करके नहीं दिया जाता है तो वह भी उन्हें ब्लैकलिस्टेड करने की कार्रवाई करवायेगे

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here