भोपाल के श्यामला हिल्स में बने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में बाल रंग की धूम है। कार्यक्रम के दूसरे दिन हम बाल रंग के फूड जोन पहुंचे। फूड जोन में घुसते ही 15 से ज्यादा फूड स्टॉल पर लोगों की भीड़ उमड़ी। स्टॉल पर एक बच्ची ने हमें देखते ही कहा कि आपका स्वागत है। ओडिशा के प्रसिद्ध खाजा और दम आलू विथ दही बड़ा का टेस्ट लें। खाजा स्वीट डिश है, तो दही बड़ा चटपटा। प्राची और उसकी टीम का जोश देखते ही बनता था।
12वीं में पढ़ने वाली भोपाल की प्राची शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्टेशन बजरिया की छात्रा है। रविवार की सुबह उसके लिए खास रही। प्राची बताती है कि उसने ओडिशा का फेमस स्वीट खाजा बनाने के लिए एक सप्ताह तक प्रैक्टिस की। वह और उसकी टीम सुबह 6 बजे जागी। खाजा और दम आलू के साथ दही बड़े की तैयारी शुरू कर दी। वह और उसकी टीम फूड स्टॉल लगाने के लिए उत्साहित थी। यहां लोगों ने उनके हाथों से बनीं डिश का स्वाद चखकर जमकर तारीफ की।
यहां मिल रहा देशभर का जायका
भोपाल में आयोजित बाल रंग कार्यक्रम में नन्हें बावर्चियों के बनाए जायकों का लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया। यहां खाजा से लेकर बिहार का लिट्टी-चोखा, पंजाब के छोले-भटूरे, हिमाचल के सिड्डू और बबरू खाने के लिए लोगों की भीड़ दिखी। स्वाद ऐसा कि लोग चटकारे लेते रहे। तीन दिन तक चलने वाले कार्यक्रम का सोमवार को समापन होगा। यहां बच्चों द्वारा 15 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश के जायके प्रस्तुत किए गए हैं।
स्कूल शिक्षा विभाग और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय भोपाल (भारत सरकार) के संयुक्त तत्वावधान में भोपाल में राष्ट्रीय बाल रंग उत्सव 17 दिसंबर से शुरू हुआ। 19 दिसंबर तक चलने वाले इस आयोजन में अन्य प्रदेशों के साथ मध्यप्रदेश के 1500 से ज्यादा छात्र-छात्राएं हिस्सा ले रहे हैं। उत्सव में सांस्कृतिक, साहित्यिक, मदरसा, संस्कृत व योग की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं हो रही हैं।
इस बार के आयोजन में बच्चों ने सभी राज्यों के खास खान-पान के स्टॉल लगाए गए हैं। इसमें छात्र-छात्राओं उस राज्य के पारंपरिक परिधान पहनकर स्टॉल पर मौजूद हैं। इसमें प्रदेशों के सरकारी, प्राइवेट और सीबीएसई स्कूलों के बच्चे भाग ले रहे हैं।
ऐसे बनाएं ओडिशा की खाजा स्वीट डिश
छात्रा प्राची ने बताया कि दो कप मैदा लेकर उसमें चार टेबल स्पून घी डालें। मैदा और घी को हाथों की मदद से मिला लें। अब आधा कप पानी डालकर स्मूथ और सॉफ्ट आटा गूंथ लें। अच्छे से गूंथने के बाद आटे को तेल से ग्रीस कर लें। 20 मिनट के लिए कवर करके अलग रख दें। आटे पर मैदा छिड़ककर बेलन से बेल लें। जितना हो सके, उतना पतला बेलें। अब एक बड़ा वर्ग या आयाताकर बनाते हुए साइड्स को काट लें। एक तरफ से कसकर रोल करना शुरू करें। लेयर्स को एक-दूसरे से चिपकने से रोकने के लिए प्रत्येक रोल पर मैदा छिड़कें। यदि एयर गैप मौजूद हो, तो उसे हटाने के लिए कसकर रोल करें। इसे 1 इंच के टुकड़ों में काट लें और थोड़ा चपटा करें। अब कड़ाही में तेल लें। तेल गर्म होने पर धीमी-मध्यम आंच पर खाजा को क्रिस्पी और गोल्डन होने तक तलें। तले हुए खाजा को गर्म चाशनी में डालें। उन्हें चाशनी में 5 मिनट के लिए भिगो दें। इसे 10-15 दिनों के लिए एक एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें।
ऐसे बनाएं हिमाचल का बबरू
चावल के आटे का घोल तैयार करेंगे। इसके लिए एक बर्तन में चावल के आटे में जरूरत के अनुसार पानी मिक्स करेंगे। अब इसमें सभी इंग्रिडिएंट्स को मिक्स कर घोल तैयार करें। ध्यान रखें कि घोल अधिक पतला या गाढ़ा नहीं होना चाहिए। गैस पर पैन रखें और उसे गर्म होने दें। गर्म होने के बाद पैन में दो चम्मच तेल डालें और उसे अच्छी तरह फैला दें। अब बबरू का घोल चम्मच की मदद से पैन में डाल देंगे और उसे फैलाएंगे। जिस तरह चीला बनाते हैं ठीक उसी तरह बनाएंगे। एक साइड पक जाने के बाद दूसरी साइड पकाएं।
हिमाचल का सिड्डू
बिना छिलके की उड़द की दाल को अच्छी तरह धोकर दो घंटे के लिए पानी में सोक होने के लिए छोड़ दें। अब डो बनाने के लिए आटे में दो चम्मच घी मिक्स कर दें। गर्म पानी मिक्स करते हुए डो तैयार करें। 3 से 4 मिनट तक गूंधने के बाद मुलायम डो तैयार करें। अब डो पर घी डालकर इसे करीब 2 घंटे के लिए ढंककर छोड़ दें। अब उड़द की दाल से पानी छानकर मिक्सर में डालकर दरदरा पीस लें। मिक्सर में दाल के साथ पानी बिल्कुल भी मिक्स ना करें।
पीसने के बाद दाल को एक कटोरी में निकाल लें और इसमें लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, हरा धनिया, बारीक कटी हुआ हरी मिर्च, अदरक का पेस्ट, एक हल्दी पाउडर, स्वादानुसार नमक, और हींग मिक्स कर दें। इन सभी चीजों को दाल में अच्छी तरह मिक्स कर दें। इस तरह आप स्टफिंग के लिए दाल को तैयार कर लेंगे। डो की मीडियम साइज की लोई बनाकर तैयार कर लें। अब इसे पूरी के साइज में बेल लें और इसमें चम्मच की मदद से स्टफिंग करें। दूसरी तरफ से इसे मोड़ दें, जिस तरह गुजिया को करते हैं। अब सारी लोईयों को इसी तरह तैयार कर लें। सिड्डू को कुकर या फिर किसी बड़े बर्तन में स्टीम करके पकाना है। 20 मिनट तक स्टीम करने के बाद यह पक कर तैयार हो जाएगा। इसे आप अपने पसंदीदा सॉस के साथ सर्व कर सकती हैं।
बिहार की लिट्टी-चोखा बनाने की विधि
लिट्टी चोखा बनाने के लिए सबसे पहले लिट्टी बनाने की शुरुआत करें। आटे को लें और उसे अच्छी तरह से छानकर उसे एक बर्तन में निकाल लें। अब इसमें घी, स्वादनुसार नमक डालकर अच्छे से मिला दें। अब गुनगुने पानी की मदद से आटे को नरम गूंथ लें। इस गुंथे हुए आटे को आधा घंटे के लिए ढंककर अलग रख दें। इसके बाद लिट्टी का मसाला तैयार करने की शुरुआत करें। सबसे पहले एक बर्तन में सत्तू निकाल लें। उसमें हरी मिर्च, धनिया, अदरक, नींबू का रस, काला नमक, जीरा, सादा नमक और अचार का मसाला डालकर अच्छी तरह से मिला लें। इस मिश्रण में थोड़ा सा सरसों का तेल भी डाल दें। अब इसमें हल्का सा पानी मिला दें और मसाले को दरदरा बना लें। अब गुंथे हुए आटे को लें और उससे मीडियम साइज की लोइयां बना लें। इन लोइयों को हथेली पर रखकर कटोरी जैसा आकार दें। अब इसमें तैयार किया गया लिट्टी मसाला एक से दो चम्मच के बीच भरें और आटे को चारों ओर से उठाकर बंद कर दें। अब इसे गोल कर लोई बना लें। जब लोई गोल हो जाए तो उसे हथेली से दबाकर थोड़ा सा चपटा कर लें।
एक लोहे का बर्तन लें उसमें लकड़ी या कोयले की मदद से आग तैयार करें। तैयार लोई इस आग में सेंक लें। बीच में चेक करते रहे कि लिट्टी अच्छे से सिकी है या नहीं। जैसे-जैसे लिट्टी सिकते जाएं उन्हें आग से बाहर निकालकर अलग रख दें। चोखा बनाने के लिए सबसे पहले बैंगन, आलू और टमाटर को अच्छी तरह से भून लें। इसके बाद उनका छिलका उतार दें। अब एक बर्तन में इन्हें लेकर अच्छी तरह से मैश कर लें। इसमें प्याज, धनिया, नींबू, मिर्च, नमक और तेल डालकर अच्छी तरह से मिला दें। एक कड़ाही लें उसमें थोड़ा सा तेल गर्म करें और लहसुन अदरक का तड़का तैयार करें। इस तड़के को चोखे में मिला दें।










































