वारासिवनी जनपद पंचायत अंर्तगत आने वाली ग्राम पंचायत मंगेझरी को सीधे कोस्ते से जोडऩे वाले कच्च्चा मार्ग को पक्के मार्ग पर तब्दील करने के लिये लोग अब लामबध्द हो गये है। बताया जा रहा है कि यह मार्ग सीधे मंगेझरी के करीब ९ टोले को जोड़ता है। वही यही मार्ग सीधे भांडी, पिपरिया सहित अन्य मार्ग से भी जुड़ता है, साथ ही यह मार्ग बालाघाट मुख्यालय जागपुर होते हुये बालाघाट वैनगंगा मार्ग की पुल के पहले निकलने वाली सड़क से जुड़ती है। जिसका निर्माण शीघ्र करवाये जाने की मांग की है।
९ टोले से मिलकर बनी है ग्राम पंचायत मंगेझरी
गौरतलब है की वारासिवनी जनपद पंचायत क्षेत्राअंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मंगेझरी के अंर्तगत सालईटोला, स्कूल टोला, मलहम टोला, झाडुटोला, बलीपाट, जयराम टोला, काला गोटा, मंगेझरी, भद्रीटोला आते है। जहां के निवासी जो सीधे वारासिवनी मुख्यालय आने के लिये इसी मार्ग का उपयोग करते है। मार्ग पूरी तरह कच्चा होने के साथ ही बरसात के मौसम में मार्ग कीचड़ से सरोबर रहता है। ऐसे में में मार्ग का निर्माण होना अति आवश्यक हो गया है।
अभी तक क्यों नही बनी पक्की सड़क – सुखराम
इस मामलें में सालई टोला निवासी सुखराम उईके ने पद्मेश को जानकारी देते हुये बताया की आजादी के बाद से ही इस सड़क का किसी प्रकार का निर्माण कार्य नही हुआ है। ग्राम पंचायत मंगेझरी क्षेत्र की बड़ी पंचायतों में शामिल है। मगर पक्की सड़क का निर्माण अभी तक न होना समझ से परे नजर आ रहा है। यह मार्ग सीधे कोस्ते पंचायत को जोड़ता है। ऐसे में हम लोग इसी मार्ग का उपयोग आवागमन करने के लिये करते है। मगर मार्ग का निर्माण न होने से हमें आवागमन में काफी परेशानी हो रही। हम शासन प्रशासन व अपने ग्राम की पंचायत से यह मांग करते है की शीघ्र ही मार्ग पक्का बनाया जाये ताकि आवागमन सुलभ हो सके।
कच्ची सड़क पर चलना हुआ दूभर – शैलेन्द्र
वही शैलेन्द्र उईके ने पद्मेश को बताया की मार्ग के निर्माण न होने से मोटर साईकिल से आने जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हमारी एक सूत्रीय मांग है की अगर सालई टोला के मंगेझरी को सीधे कोस्ते सेे जोडऩे वाले इस मार्ग का निर्माण कार्य पूरी तरह से पक्का हो जाये तो हम ग्रामीणों को आवागमन में काफी राहत मिलेगी।
पक्की सड़क का हो जाये निर्माण तो ग्रामवासियों को मिलेगी राहत – जियालाल
इसी तरह जियालाल बोपचे ने पद्मेश को बताया की मार्ग का निर्माण होना अब वर्तमान समय में अति आवश्यक हो गया है। मार्ग पर पंचायत के ९ टोले के रहवासी आवागमन करते है। ऐसे में मार्ग कच्चा होने के साथ ही जगह जगह से उखड़ गया है। खासकर बरसात के मौसम पर आवागमन करने के दौरान कई लोग दुर्घटना का शिकार भी होते है क्योंकि मार्ग पर पूरी तरह से कीचड़ हो जाता है। अगर हम डोंगरगॉव होते हुये आये तो निश्चित ही हमें ५ से ६ किलोमीटर का फैरा पड़ेगा ऐसे में मार्ग का पक्का निर्माण होना अब नितांत जरूरत हो गई है










































