मध्यप्रदेश और राजस्थान वसूल रहे सबसे ज्यादा टैक्स, जानिए बाकी राज्यों की स्थिति

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Petrol Diesel Rate: पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने लोकसभा में बताया कि पेट्रोल और डीजल पर सबसे कम वैट अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में क्रमाश 4.82 रुपए और 4.74 रुपए प्रति लीटर है। पुरी ने 26 जुलाई को लोकसभा में कहा कि मध्यप्रदेश देश में पेट्रोल पर सबसे ज्यादा वैट लगाता है, जबकि राजस्थान में डीजल पर सबसे ज्यादा टैक्स वसूला जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘भारी टैक्स वाले पेट्रोल और डीजल की दरें इस महीने अपने उच्चतम मूल्य पर पहुंच गई है।’ केंद्र और राज्य दोनों कर, पेट्रोल के खुदरा मूल्य का 55% और डीजल दरों का 50% है। केंद्र सरकार पेट्रोल पर 32.90 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 31.80 रुपए प्रति लीटर का निश्चित उत्पाद शुल्क लगाती है।

वित्त वर्ष 2020-21 (31 मार्च 2021 को समाप्त हुआ) के दौरान पेट्रोल से केंद्र सरकार द्वारा एकत्रित उत्पाद शुल्क 1,01,598 करोड़ था जबकि डीजल 2,33,296 करोड़ था। पेट्रोलियम मंत्री पुरी ने कहा कि राज्य सरकारें पेट्रोल और डीजल के आधार पर मूल्य और केंद्रीय करों की कुल राशि पर वैट लगाती है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश 31.55 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल पर वैट लगाता है, जो देश में सबसे अधिक है। राजस्थान डीजल पर 21.82 रुपए प्रति लीटर शुल्क लेता है।

राजस्थान पेट्रोल पर 29.88 रुपए प्रति लीटर वैट लगाता है और महाराष्ट्र 29.55 रुपए लेती है। डीजल के मामले में आंध्र प्रदेश 21.78 प्रति लीटर वैट, मप्र 21.68 रुपए, ओडिशा 20.93 रुपए और महाराष्ट्र 20.85 रुपए वसूल करता है। दिल्ली में 101.54 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल खुदरा बिक्री मूल्य पर 32.90 रुपए प्रति लीटर केंद्रीय उत्पाद शुल्क और 23.43 रुपए राज्य वैट है। डीजल के मामले में 31.80 रुपए प्रति लीटर केंद्रीय उत्पाद शुल्क है।

पुरी ने कहा कि 16 जुलाई 2021 को पेट्रोल और डीजल पर खुदरा बिक्री के प्रतिशत के रूप में कुल उत्पाद शुल्क 32.4 फीसद और 35.5 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि इस तरह के करों से उत्पन्न राजस्व का उपयोग सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए किया जाता है।

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