मध्‍य प्रदेश हाई कोर्ट बार की कार्यकारिणी भंग, चुनाव कराने तदर्थ कमेटी गठित

0

एमपी स्टेट बार कौंसिल की कार्यकारिणी समिति ने हाई कोर्ट बार एसोसिएशन, जबलपुर की कार्यकारिणी काे भंग कर दिया है। इसी के साथ नवीन कार्यकारिणी का चुनाव शीघ्र कराने दो पर्यवेक्षक नियुक्त करते हुए सात सदस्यीय तदर्थ कमेटी का गठन कर दिया है। कार्यकारिणी समिति के उपाध्यक्ष अधिवक्ता अहादुल्ला उस्मानी व अधिवक्ता दीपक पेंढ़ाकर को पर्यवेक्षक बनाया गया है। जबकि तदर्थ कमेटी में अधिवक्ता अशोक अग्रवाल नाटी को संयोजक, अजय पाल सिंह, उमेश कुमार वैद्य, मनोज कुमार सिंह, रंजीत सिंह परिहार, अमित कुमार सिंह, व नीलेश जैन को उप संयोजक बनाया गया है।

यह जानकारी स्टेट बार के कार्यकारी सचिव मुईन खान ने दी। उन्होंने बताया कि हाई कोर्ट बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद चुनाव न कराने को लेकर शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेकर कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष अहादुल्ला उस्मानी, अखंड प्रताप सिंह, नरेंद्र कुमार जैन, जयप्रकाश मिश्रा ने बैठक में उक्त निर्णय लिया। तदर्थ कमेटी को 15 दिन के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी नियुक्त कर चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अंतिम मतदाता सूची तैयार करने के बाद बाद स्टेट बार से अनुमोदन कराना होगा, इसके बाद चुनाव सम्पन्न हाेंगे। बीसीआइ की अंतरिम रोक के कारण स्टेट बार कार्यकारिणी समिति का निर्णय अवमानना : इधर एमपी स्टेट बार कौंसिल के को-चेयरमैन व हाई कोर्ट बार एसोसिएशन, जबलपुर के सचिव मनीष तिवारी ने स्टेट बार कार्यकारिणी समिति के निर्णय को बीसीआइ की अवमानना निरूपित किया है। उन्होंने बताया कि देश के वकीलों की सर्वोच्च संस्था बीसीआइ ने हाई कोर्ट बार अध्यक्ष रमन पटेल व उनकी याचिका पर 22 सितंबर, 2021 को अहम अंतरिम आदेश पारित करते हुए हाई कोर्ट बार चुनाव पर रोक लगा दी थी। नियमानुसार जब तक बीसीआइ से लगी उक्त राेक हट नहीं जाती, स्टेट बार कार्यकारिणी समिति को पर्यवेक्षक व तदर्थ कमेटी नियुक्त करने का कोई अधिकार नहीं था। इसके बावजूद मनमानी की गई। इस रवैये की शिकायत बीसीआइ चेयरमैन मनन मिश्रा तक पहुंचा दी गई है। लिहाजा, कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here