लालबर्रा (पद्मेश न्यूज)। एक ओर सरकार ग्रामीणों को ग्राम स्तर पर रोजगार मुहैया करवाने की बात कहती है तो वहीं दूसरी ओर रोजगार तो उपलब्ध करवा देती है परन्तु मजदूरी का भुगतान समय पर नही हो पाता है। जिसके चलते मजदूरों को आर्थिक व मानसिक रूप से परेशान होना पड़ रहा है और उन्हेे जीविकापार्जन के लिए अनेक कठिनाईयों से जुझना पड़ रहा है। यह मामला जनपद पंचायत लालबर्रा अंतर्गत आने वाली ७७ ग्राम पंचायतों का है जहां फरवरी २०२५ से मजदूरी के साथ ही कुछ पंचायतों में मटेरियल का भी भुगतान नही हुआ है। इस तरह से लालबर्रा जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ७७ ग्राम पंचायतों का करीब ५ करोड़ रूपये का भुगतान शेष बचा हुआ है और समय पर मनरेगा की मजदूरी नही मिलने के कारण मजदूरों का इस योजना से मोहभंग भी होने लगा है। साथ ही जिस स्थान पर नगद मजदूरी मिलती है उस ओर मजदूर वर्ग काम करने के लिए पलायन कर रहे है एवं वर्तमान समय में वैवाहिक कार्यक्रमों का दौर चल रहा है जिसमें सभी को रूपयों की आवश्यकता पड़ती है। लेकिन जिन मजदूरों ने पंचायत में मनरेगा योजना में काम किये है उन्हे समय पर मजदूरी नही मिलने से विभिन्न परेशानियों से जुझना पड़ रहा है और वे मजदूरी जल्द दिये जाने की मांग को लेकर पंचायतों का चक्कर लगा रहे है लेकिन उनकी कोई सुनवाई नही हो रही है। जिससे मजदूरों में शासन-प्रशासन के प्रति आक्रोश व्याप्त है। ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव एवं मजदूरों ने जल्द मजदूरी व मटेरियल का भुगतान करवाये जाने की मांग शासन-प्रशासन से की है।
आपकों को बता दे कि ग्राम पंचायतों के माध्यम से ग्रामीणजनों को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायतों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये गये है और इसी परिपालन में जनपद पंचायत लालबर्रा अंतर्गत ग्राम पंचायतों में मनरेगा एवं अन्य योजनाओं के तहत पक्के व कच्चे निर्माण कार्य करवाने के साथ ही मजदूरों को रोजगार उपलब्ध करवाया जा रहा है किन्तु शासन स्तर से फरवरी २०२५ के बाद से मनरेगा मजदूरों का भुगतान नही किया गया है। जिसके कारण मजदूरों के साथ ही पंचायतों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरी भुगतान जल्द करवाने की मांग को लेकर पंचायत का एवं सरपंच, सचिव जनपद पंचायत लालबर्रा का चक्कर लगा रहे है और जब मजदूर सरपंच, सचिव से मनरेगा मजदूरी का भुगतान करवाने की बात कहते है तो उनके द्वारा मजदूरों से कहा जाता है कि शासन स्तर से भुगतान नही हो रहा है। यह सुनकर मजदूर मायुस होकर बैरंग लौट रहे है और मजदूरों को मनरेगा का भुगतान नही होने से उन्हे जीवन यापन करने में खासा परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है। चर्चा में मजदूरों ने बताया कि पंचायतों में मनरेगा योजना के तहत कार्य जारी है और हम लोग मजदूरी करने जा रहे है परन्तु समय पर भुगतान नही हो रहा है। ऐसी स्थिति में दुसरे से रूपये मांगकर जीवन यापन कर रहे है इसलिए शासन-प्रशासन से मांग है कि जल्द मजदूरी का भुगतान करें।
दूरभाष पर चर्चा में एपीओं रूपेश इवने ने बताया कि तीन माह से मनरेगा मजदूरों का भुगतान नही हुआ है। हमारे द्वारा शासन स्तर पर भुगतान के लिए बार-बार पत्र व्यवहार किया जा रहा है परन्तु बजट का अभाव होने के कारण भुगतान नही होने की जानकारी सामने आ रही है और करीब ५ करोड़ रूपये का भुगतान शेष है, शासन स्तर से राशि आते ही मजदूरों के खाते में मजदूरी भुगतान आ जायेगा।










































